हाईकोर्ट द्वारा समायोजन रद्द किए जाने के निर्णय के बाद शिक्षा मित्रों में खलबली मच गई है। शिक्षा मित्रों ने राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु मांगी है।
शिक्षा मित्रों की बीआरसी परिसर में हुई बैठक में शिक्षा मित्रों ने कहा कि 15 वर्षों से शिक्षा विभाग की निरंतर सेवा कर रहे हैं। समय-समय पर निरीक्षण किया गया, हर तरह से जांच कराई गई।
बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा दी जा रही है। विद्यालयों के अन्य कार्यों में भी सहयोग कर रहे हैं। शिक्षा मित्रों के इस सहयोग के चलते सरकार ने पिछले वर्ष समायोजन किया था। हालांकि बीटीसी एवं बीएड धारकों ने समायोजन को चुनौती दी है। कोर्ट के इस निर्णय के बाद इतनी लंबी सेवा कर चुके शिक्षा मित्र कहां जाएं।
रोजगार का कोई दूसरा साधन नहीं है। इस निर्णय के बाद अब शिक्षा मित्र आत्महत्या कर रहे हैं। यही आलम रहा तो बागपत के शिक्षा मित्र आत्महत्या के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने आत्महत्या के लिए राष्ट्रपति को अर्जी देकर इच्छामृत्यु करने का निर्णय लिया है।
बैठक में ललित कुमार शर्मा, बिजेंद्र भाटी, भरत कौशिक, अरुण त्यागी, नदीम, कालूराम, संतोष, नेहा, सुदेश, सुषमा, मीनाक्षी, जितेंद्र, धीरज, नीरज, मईनुद्दीन, राजीव शर्मा, योगेश राणा, तनसीर, अरुण खट्टा, ममता, वीरभान, कृष्णपाल, पवन, सचिन्र, गौरव, मीनाक्ष्सी, बबली, कामता, अंकुर, शाहिद मौजूद रहे।