बागपत। छह साल पहले युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी जीजा और उसके भाई को अदालत ने सात-सात साल की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय रूपाली सक्सेना की अदालत में प्रकरण की सुनवाई हुई।
एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने बताया कि बरनावा निवासी इश्त्याक ने एक नवंबर 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। वादी का कहना था कि उनकी बहन भूरी का अपने शौहर से झगड़ा हो गया था। घटना के दिन जीजा नवाब अपने भाई शहजाद के साथ उनके घर पहुंचा और गाली गलौज करने लगा। हंगामा होने पर उसका छोटा भाई शहजाद बीच बचाव करने के लिए आ गया। दोनों भाइयों ने मिलकर उस पर छुरी से जानलेवा हमला कर दिया था। इसमें वह गंभीर घायल हो गया। उसने मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण का ट्रायल एफटीसी द्वितीय रूपाली सक्सेना की अदालत में हुआ। अभियुक्त नवाब और शहजाद को जानलेवा हमले के मामले में सात-सात साल की सजा और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड नहीं देने पर छह-छह माह का कारावास भुगतान होगा।