डीएम शकुंतला गौतम ने बैठक में कसे अधिकारियों के पेंच
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। डीएम शकुंतला गौतम ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रकरणों में गवाहों की स्थिति ठीक नहीं है। अधिकारियों को इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए, ताकि मिलावट खोरों को सजा मिल सके। ओवरलोडिंग पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
विकास भवन सभागार में अपराध एवं अभियोजन, आईसीजेएस के अंतर्गत ई प्रॉसीक्यूशन पोर्टल पर अभियोजकों की डाटा फीडिंग, जिला खाद्य सतर्कता समिति, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग प्रवर्तन कार्य, खाद्य पदार्थों में मिलावट संबंधी प्रकरणों में वाद दायर, निस्तारण, सजा/जुर्माना, अर्थ दंड, वसूली, आबकारी, उप खनिजों के अवैध खनन, प्रवर्तन और परिवहन की समीक्षा बैठक की। गवाहों की स्थिति बहुत खराब मिलने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा मुकदमों का निस्तारण तीव्रता के साथ होना चाहिए। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा चार्जशीट न्यायालय में नहीं ले जाते हैं, जिनको मॉनिटरिंग सेल की बैठक में अवश्य अवगत कराया जाएं, जिससे कि ऐसे मामलों में सुधार आ सके।
डीएम ने अभिहित अधिकारी को कड़े निर्देश दिए कि निश्चित आबादी वाले क्षेत्र में कोई भी नया लाइसेंस मीट का जारी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा मीट की दुकान धार्मिक स्थलों, स्कूल, प्रमुख चौराहों व स्थलों पर नहीं होने चाहिए। खाद्य सुरक्षा में 19 मुकदमे है, जिसमें नकली सैंपल के 15 मुकदमे हुए हैं, जो न्यायालय में दायर हैं। डीएम ने कहा कोई भी खाद्य नकली पदार्थ जनपद में विक्रय नहीं होना चाहिए। अपर जिलाधिकारी ने अभिहित अधिकारी से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अपने न्यायालय के मामलों में स्वयं आए।
जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देशित किया कि जनपद में कोई भी नकली दवाई बिक्री नहीं होनी चाहिए। जहां नकली दवाई बिक रही है, ऐसी दुकानों को चिह्नित किया जाए और उन पर मुकदमा दायर कराया जाए। खनन अधिकारी को निर्देश दिए कि अवैध रूप से चल रहे वाहनों को पकड़कर परिवारवाद में मुकदमा दर्ज कराया जाए। एआरटीओ को निर्देशित किया गया कि कोई भी विदाउट फिटनेस वाहन नहीं चलना चाहिए और इनकी चेकिंग युद्ध स्तर पर की जाए।
इस दौरान एडीएम अमित कुमार सिंह समस्त एसडीएम जिला आबकारी अधिकारी अखिलेश सिंह सहित एपीओ जेडी आदि उपस्थित रहे।