शामली/ऊन/चौसाना/जलालाबाद/झिंझाना/हसनपुर लुहारी/ बाबरी। कैराना में कांधला बस स्टैंड के पास ओवरलोड गन्ने से भरे ट्रक के विद्युत तारों में उलझने से करंट लगने से कक्षा चार के छात्र की मौत के बाद भी प्रशासन और परिवहन विभाग ने कोई ठोस सबक नहीं लिया है। जिलेभर की सड़कों पर आज भी गन्ने और पुआल से लदे ओवरलोड ट्रक बेखौफ दौड़ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं।
स्थान: बुढ़ाना रोड, शामली
यहां लगातार गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रक निकलते देखे गए। ट्रकों में क्षमता से कहीं अधिक गन्ना लदा था, जिससे सड़क पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद इसके, इन्हें रोकने या जांच करने वाला कोई नहीं दिखा।
स्थान: दिल्ली रोड, शामली
शहर की व्यस्त दिल्ली रोड से पुआल और गन्ने से भरे ट्रक गुजरते रहे। नियमों की खुलेआम अनदेखी होती रही, लेकिन न तो पुलिस ने रोका और न ही परिवहन विभाग की कोई कार्रवाई नजर आई।
स्थान : जलालाबाद
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर गन्ने और पुआल से भरे ओवरलोड ट्रक फर्राटा भरते रहे। हाईवे जैसे संवेदनशील मार्ग पर ऐसे वाहन आमजन के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
स्थान- हसनपुर लुहारी
गन्ना क्रय केंद्रों से चीनी मिलों तक ढुलाई करने वाले ओवरलोड ट्रक और ट्राले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। मुख्य सड़कों पर क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादकर वाहन बेरोकटोक दौड़ रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
स्थान : चौसाना
यहां भी गन्ना क्रय केंद्रों से ऊन शुगर मिल तक जाने वाले ओवरलोड ट्रक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों कंवरपाल शर्मा, सोनू राणा, मनोज गोस्वामी, प्रवेश कुमार और रूपेश सैनी का कहना है कि अधिक मुनाफे के लालच में ठेकेदार तय क्षमता से कई गुना गन्ना वाहनों में भर रहे हैं। चौसाना, गढ़ी हसनपुर, लव्वादाउदपुर, शामली-शामला, टोडा, गंगारामपुर और बसी चुंधियारी समेत आसपास के क्षेत्रों से ट्रकों का आवागमन लगातार बना हुआ है।
अन्य क्षेत्र भी अछूते नहीं
कैराना, कांधला, बाबरी, गढ़ीपुख्ता और झिंझाना क्षेत्रों में भी ओवरलोड वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर आए, लेकिन कहीं भी सख्त कार्रवाई होती नहीं दिखी। हादसों के बाद भी जिम्मेदार विभागीय अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
इन्होंने कहा
एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में करीब 50 वाहनों के चालान किए गए हैं। आगे भी सख्ती से अभियान चलाया जाएगा।