बागपत। कोरोना संक्रमण के कारण उद्यमियों को मुश्किल हालात से गुजरना पड़ रहा है। महिला उद्यमी डॉ. बालेश तोमर कहती हैं कि प्रशिक्षित मजदूर अपने घर लौट गए हैं। इसके अलावा कच्चा माल भी उपलब्ध नहीं है, इस कारण उद्यमियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उद्योग जगत के लिए वर्तमान समय सही नहीं है।
डॉ. बालेश तोमर बड़ौत में राजश्री ड्रग्स कंपनी की संचालक के साथ-साथ बागपत के इंडस्ट्री एरिया में भी राजश्री प्लास्टिक प्रोडक्ट के नाम से फैक्टरी संचालित कर रही हैं। वह बताती हैं कि लॉकडाउन के कारण कच्चा माल न मिलने व प्रवासी मजदूरों के चले जाने से फिलहाल राजश्री प्लास्टिक प्रोडक्ट में काम बंद है। उनका कहना है कि लॉकडाउन होने के बाद जड़ी-बूटियों का संग्रह नहीं हो सका, इस कारण कच्चे सामान की उपलब्धता कम हो गई। दवा बनाने के प्रयोग में आने वाले अन्य केमिकल एवं पैकिंग सामग्री मिलने में भी परेशानी हो रही है। विपरीत परिस्थितियां होने के बाद भी उत्पादन का प्रयास कर पशुओं की दवाइयों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2018 में बागपत औद्योगिक एरिया में उनकी राजश्री प्लास्टिक प्रोडक्ट के नाम से दूसरी फैक्टरी है। इसमें प्लास्टिक पैकिंग सामग्री का निर्माण किया जाता है। उनका कहना है कि एक तो बाजार में माल की मांग नहीं है, दूसरे कच्चा माल भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। लॉकडाउन होने के बाद प्रवासी मजदूर अपने घर चले गए हैं। इन परिस्थितियों में फैक्टरी में उत्पादन का कार्य प्रभावित है। वह उत्पादन बढ़ाने के लिए पूरी क्षमता के साथ कार्य करने के प्रयासरत हैं।
इस तरह की उद्योग की शुरूआत
बागपत। मूल रुप से जिवानी की रहने वाली डॉ. बालेश तोमर ने वर्ष 1991 में बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर रोड़ पर पशुओं आयुर्वेदिक पशु औषधि निर्माण के लिए राजश्री ड्रग्स के नाम से फर्म खोलकर अपना कार्य शुरू किया। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने बागपत औद्योगिक एरिया में राजश्री प्लास्टिक प्रोडक्ट के नाम से दूसरी फैक्टरी डाली। इसमें प्लास्टिक पैकिंग सामग्री का निर्माण किया जाता है।