रटौल/चांदीनगर। किसानों के लिए इस बार टमाटर की फसल काफी फायदेमंद साबित हो रही है। मंडियों में टमाटर के दाम 20 से 22 रुपये प्रति किलो तक मिल रहे हैं, जिससे किसानों में खुशी का माहौल है। पिछले कई वर्षों से नुकसान झेल रहे किसानों को इस बार अच्छी आमदनी हो रही है।
रटौल, लहचौड़ा, सरफाबाद, ललियाना, गौना और सहबानपुर जैसे गांवों के किसानों ने करीब 400 बीघा भूमि पर टमाटर की बुवाई की थी। इस वर्ष टमाटर की पैदावार भी अच्छी हुई है, जिससे किसानों की उम्मीदें बढ़ी हैं। किसान सलाउद्दीन, आदेश यादव, इरफान, अरविंद और जेलदार ने बताया कि कोरोना काल से टमाटर का सही भाव नहीं मिलने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। पिछले वर्ष टमाटर का भाव आठ से दस रुपये प्रति किलो तक ही मिल पाया था। इस कम भाव के कारण किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही थी। नतीजतन, कई किसानों ने टमाटर की खेती से दूरी बना ली थी। मगर इस बार स्थिति पूरी तरह बदल गई है और किसानों को काफी लाभ हुआ है। मंडी में एक क्रेट टमाटर का दाम 450 से 500 रुपये तक मिल रहा है। यह दाम किसानों के लिए अच्छी आमदनी का स्रोत बन गया है।
कोरोना काल के बाद से टमाटर की फसल का सही दाम नहीं मिल रहा था। इससे किसानों ने टमाटर की खेती करनी बंद कर दी थी, लेकिन इस बार टमाटर के अच्छे दाम मिलने से किसानों में खुशी है। -आदेश यादव, लहचौड़ा
मंडी में 20 से 22 रुपये किलो टमाटर के दाम मिल रहे हैं और अच्छी आमदनी होने से किसानों में खुशी है। इस बार टमाटर का उत्पादन भी अच्छा हुआ है। -इंतजार अली, ललियाना
हर साल टमाटर की फसल में नुकसान होता था और लागत भी नहीं निकल पाती थी, लेकिन इस बार उत्पादन भी अच्छा हुआ है और मंडियों में दाम सही मिले। -अरविंद चौधरी, ललियाना