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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों से अधिक टोल वसूली

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों से अधिक टोल वसूलकर जेब काटी जा रही है। एक्सप्रेस वे पर बीच के किसी भी इंटरचेंज से चढ़ते है तो उसके फास्टैग से शुरू से आखिर तक का टोल टैक्स काट लिया जाता है। इस समस्या से परेशान होकर वाहन चालकों ने एनएचएआई के पास शिकायत की है।
गाजियाबाद के डासना के रहने वाले अजहर चौधरी ने बताया कि उनकी ट्रांसपोर्ट कंपनी है और उनके पास करीब 30 गाड़ी है। काफी वक्त से वह एक्सप्रेस वे पर अधिक टोल वसूली की समस्या से जूझ रहे है। बताया कि एक्सप्रेस वे पर डासना से छह एक्सेल वाहन चढ़ती है तो जाखौली के मुख्य टोल प्लाजा तक का चार्ज 480 रुपये होता है। मगर, उनके पलवल से जाखौली टोल प्लाता तक के 1265 रुपये काट लिए जाते है। इसके बाद जाखौली की तरफ से वापस डासना आने पर केवल 260 रुपये कटने चाहिए, लेकिन 860 रुपये काट लिए जाते है। उन्होंने बताया कि जब भी इसकी शिकायत एनएचएआई के पास करते है तो उस बार के रुपये करीब एक महीने बाद वापस आ जाते है। मगर, समस्या का स्थाई समाधान नहीं होता है और उसके बाद दोबारा से इस तरह ही टैक्स काटा जाता है। उनकी ट्रांसपोर्ट कंपनी होने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने इस तरह टोल वसूलने वाली कंपनी पर जानबूझकर ज्यादा वसूली करने का आरोप लगाया है।
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किसी जगह के एंट्री प्वाइंट पर कई बार ऐसा होता है कि फस्टैग रीड नहीं होता है और आखिरी टोल पर वाहन पहुंचता है तो वहां एंट्री प्वाइंट की जानकारी नहीं होने से शुरू से आखिर तक का टोल टैक्स कट जाता है। अगर ऐसा बार-बार हो रहा है तो ऐसे वाहन चालक शिकायत दर्ज करा सकते है, जिससे उसका पता कराया जा सके। आदित्य कुमार, टोल मैनेजर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे
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