- बदरखा गांव के प्राचीन शिव मंदिर में दूसरे दिन श्रीमद्भागवत कथा हुई
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संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। बदरखा गांव के प्राचीन शिव मंदिर में तीसरे दिन मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा हुई। कथा वाचक स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने कहा कि मोक्ष की प्राप्ति करने के लिए मनुष्य को मोह व माया का त्याग करना होगा।
उन्होंने भगवान कपिल व माता देवहूति का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि यह प्रसंग माता-पुत्र के पवित्र रिश्ते के माध्यम से जीव को अज्ञान से ज्ञान की की तरफ, मोह से मुक्ति, ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष प्राप्ति का ज्ञान प्राप्त कराता है। बताया कि महर्षि कर्दम के वन जाने के बाद उनकी पत्नी देवहूति अज्ञान और सांसारिक मोह जाल में फंस जाती है तो वह अपने पुत्र कपिल से प्रार्थना करती हैं कि वह उन्हें इस मायाजाल के अंधकार से निकालकर ज्ञान का प्रकाश दें। कपिल अपनी माता देवहूति की प्रार्थना सुनकर अध्यात्मयोग आत्म-ज्ञान को परम कल्याण का साधन बताते हुए गर्भ के कष्टों और जीव के जन्म-मरण के अनंत चक्र का वर्णन सुनाते हैं, जो व्यक्ति अपने चित्त को पूरी तरह भगवान में लगा देता है। कथा में रामचरण जिंदल, पवन शर्मा, तेजेंद्र खोखर, सोनू खोखर आदि मौजूद रहे।