संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जैन संत अरुण चंद्र ने कहा कि माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम नहीं भेजने का संकल्प दिलाया।
जैन संत अरुण चंद्र रविवार को नगर की जैन स्थानक शहर में एक धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने धर्म सभा में मौजूद श्रद्धालुओं से वचन लिया कि वे कभी भी अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम नहीं छोड़ेंगे, बल्कि घर पर उनकी सेवा करेंगे। आज के समय में जब भौतिकवाद हावी है, तब भी पारिवारिक मूल्यों को सहेजना आवश्यक है। माता-पिता से बढ़कर कुछ नहीं है। जिनकी सेवा करना हर संतान का कर्तव्य है। हमें अपने बच्चों को भी यही शिक्षा देनी चाहिए। इस मौके पर घसीटूमल जैन, डीके जैन, श्रीपाल जैन, कमल जैन, अमित जैन, पारस जैन मौजूद रहे।