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भगवान आशुतोष के जलाभिषेक को पुरा महादेव में उमड़ा आस्था का सैलाब

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बालैनी (बागपत)। पुरा महादेव के ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर मंदिर पर बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं को सैलाब उमड़ पड़ा। फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि पर करीब पांच लाख श्रद्धालुओं ने दूध और गंगाजल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। बोल बम-बम और हर-हर महादेव के जयकारों से माहौल शिवमय हो गया। मंदिर परिसर में पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
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बुधवार की सुबह से ही श्री परशुरामेश्वर मंदिर पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जलाभिषेक के लिए लंबी कतार लग गई। कड़ी धूप में भी हर-हर महादेव और बम-बम के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों के श्रद्धालुओं ने बुधवार और बृहस्पतिवार को जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की कड़ी चौकसी रही। एटीएस की टीम मंदिर परिसर में डेरा डाले रही।
दोपहर 1:39 बजे मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने झंडा पूजन शुरू कराया। झंडा पूजन में डीएम राजकमल यादव, एसपी अभिषेक सिंह, एडीएम अमित कुमार सिंह, विधायक योगेश धामा, चेयरमैन मांगेराम यादव, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष तिलकराज गुप्ता, ब्रह्मपाल मलिक, अरुण शर्मा, इंद्रपाल मलिक, संजीव शर्मा, आरडी शर्मा, मनोज शर्मा मौजूद रहे। दोपहर 2:39 बजे शुभ मुहूर्त पर ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद चतुर्दशी के शुभ मुहूर्त में भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष के जयकारे लगाए और दूध और गंगाजल से जलाभिषेक किया। मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने बताया कि करीब पांच लाख श्रद्धालुओं मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इनमें कांवड़िए भी शामिल रहे।
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कोरोना काल में नहीं आ पाए थे श्रद्धालु
कोरोना महामारी के बीच सावन माह की महाशिवरात्रि पर कांवड़िए और श्रद्धालु पुरा महादेव नहीं आ पाए थे। इसी वजह से इस बार फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि पर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा रही।
भंडारा लगाने वालों में रही होड़
श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाने वालों में भी होड़ लगी रही। बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने श्रद्धालुओं के लिए भंडारों में भोजन का इंतजाम कर रखा था। मंदिर कमेटी की ओर से भी भोजन की व्यवस्था की गई थी। व्रत रखने वालों के लिए भी कमेटी की ओर से पूरा इंतजाम किया गया था।
चिकित्सकों की रही व्यवस्था
कांवड़ियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मेला परिसर में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी तैनात किए गए थे। चिकित्सकों ने कांवड़ियों का उपचार किया। इसके अलावा आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की भी व्यवस्था की गई थी।
खूब की खरीददारी, दुकानों पर रही भीड़
पुरा महादेव पर लगे मेले में जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने खूब खरीदारी की। दुकानों पर महिलाओं और बच्चों की भीड़ लगी रही।
यह है मंदिर की पौराणिक इतिहास
पुरा महादेव गांव में जहां श्री परशु रामेश्वर मंदिर हैं, कभी यहां कजरी वन था। मंदिर का निर्माण हुआ, लेकिन लंबे समय तक यह जर्जर रहा। कथा प्रचलित है कि एक दिन लंढौरा के राजा रामदयाल की पत्नी इधर घूमने आई थी और उनका हाथी यहां आकर बैठ गया। काफी प्रयास के बाद भी हाथी नहीं उठा तो रानी ने उस जगह को खोदने का आदेश अपने सैनिकों को दिया। खोदने पर वहां एक शिवलिंग प्रकट हुआ, रानी ने वहां मंदिर का निर्माण कराया। इसी जगह कांवड़िए भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी कृष्ण बोधाश्रम ने भी तपस्या की थी ।
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