बागपत के हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन में बंद हुआ सोनीपत मार्ग पांच दिन बाद मंगलवार को खुल गया। हरियाणा की ओर से लोग आ तो भारी संख्या में रहे हैं, लेकिन जाने वाले वाहनों की संख्या काफी कम है। निवाड़ा पुल पर पुलिस ने आने वाले वाहनों पर निगरानी रखी।
पांच दिन से चल रहे हरियाणा में मंगलवार को शांति रही। इससे पुलिस ने हरियाणा की ओर जाने वाले मार्ग को खोल दिया। मार्ग खुलते ही हरियाणा की ओर से आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। हरियाणा के बवाल में पांच दिन से फंसे लोग मंगलवार को बागपत एवं यूपी के अन्य क्षेत्रों में पहुंचे।
सुबह से शाम तक हरियाणा की ओर से आने वाले वाहनों की संख्या अत्यधिक रही, जबकि बवाल के डर से यूपी की ओर से जाने वाले वाहनों की संख्या काफी कम रही। लेकिन रास्ता खुल जाने से लोगों ने राहत महसूस की। हाईवे पर पांच दिन से खड़े ट्रकों में काफी सामान खराब हो गया। एक ट्रक में तो पौधे रखे हुए थे, जो सूख गए।
अपर पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र का कहना है कि फिलहाल हरियाणा में शांति बताई जा रही है। जिस कारण हरियाणा का रास्ता खोल दिया गया है। फिर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि भी तक कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
जाट आरक्षण की लड़ाई जारी रखने का ऐलान
बड़ौत। लुहारी गांव में जाट आरक्षण को लेकर पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों और युवाओं के प्रति शोक संवेदना प्रकट की गई। सरकार से उन्हें उचित मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दिलाने की मांग की गई।
हरियाणा के जाटों को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया गया। वहीं साथ ही जाट आरक्षण की लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया गया। भाकियू नेता हरेंद्र दांगी, मुंशीराम, मुकेश, डॉ. श्यामपाल, कर्णपाल, जोधा, चौधरी जोगेंद्र सिंह, राजेंद्र, राजपाल, अशोक, पालू, बारू, जयपाल, बबलू, ओमपाल, सुरेंद्र, मनोज, देशपाल, अनुज चौधरी युवा दल, नीटू आदि मौजूद रहें।
जाट समाज के लोगों को श्रद्घांजलि दी
खेकड़ा। मोहल्ला औरंगाबाद में जाट समाज के लोगों बैठक हुई। इसमें सभी ने आरक्षण आंदोलन के दौरान गोली लगने से मरे जाट समाज के लोगों को श्रद्घांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के लोगों की शहादत व्यर्थ नही जाने दी जाएगी। सभी ने मोमबत्ती जला कर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
इस दौरान हरिराम सिंह, चमन सिंह, चौधरी ब्रहमपाल सिंह, चौधरी सुदेशपाल सिंह, सोहन पाल धामा, अनुज धामा, सहेंद्र सिंह, मास्टर राजेंद्र सिंह, रोबिन रहे।