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जल ही जहरीला नहीं हो रहा, सरकार को करोड़ों का चूना भी लग रहा

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पुराने कस्बे में नाली में बहता जींस रंगाई का काला पानी का फाइल फोटो - फोटो : BAGHPAT
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- जींस रंगाई की अवैध फैक्टरियों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण टैक्स भी नहीं पहुंच रहा सरकार के पास
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- एक साल में करीब पांच करोड़ से ज्यादा का सरकार को लगाया जा रहा चूना, बीमारियां अलग से बांट रही फैक्टरियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बागपत नगर में चल रही जींस रंगाई की अवैध फैक्टरियों से केवल पानी ही जहरीला नहीं हो रहा है, बल्कि सरकार को करोड़ों रुपये का चूना भी लग रहा है। किसी भी फैक्टरी का रजिस्ट्रेशन नहीं है और सरकार के पास इनका टैक्स भी नहीं पहुंच रहा है। हालात यह है कि एक साल में करीब पांच करोड़ से ज्यादा का सरकार को चूना लगाया जा रहा है और बागपत में बीमारियां अलग से बांटी जा रही है।
गाजियाबाद व लोनी से जींस रंगाई की फैक्टरियों को बंद कराया गया तो इनको बागपत में अवैध रूप से लगा दिया गया। इसके लिए प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनुमति तक नहीं ली गई और ईटीपी भी नहीं लगाया गया। इस तरह अवैध फैक्टरियों से निकल रहा रसायन वाला पानी ऐसे ही जमीन व नालों में छोड़ दिया जाता है। इससे वहां का भू-जल दूषित हो रहा है और वहां लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे है। बागपत के पुराने कस्बे में केतीपुरा, मिर्धानपुरा, माता कालोनी, दिल्ली रोड, गौरीपुर समेत अन्य कई जगहों का पानी जहरीला हो गया है। यहां सबसे ज्यादा लोग बीमार हो रहे है। इसके बावजूद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन फैक्टरी से केवल बीमारी ही नहीं बांटी जा रही है, बल्कि सरकार को करोड़ों रुपये का चूना भी लगाया जा रहा है। इनमें से किसी भी फैक्टरी का रजिस्ट्रेशन नहीं है। माल लेकर आने व बेचने पर किसी तरह का टैक्स तक नहीं दिया जाता है। ऐसे में जहां आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है, वहीं सरकार को मोटा चूना लगाया जा रहा है।
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इसे लेकर रिपोर्ट तैयार हो गई है, अब कार्रवाई की जानी है। इसके लिए पुलिस बल को साथ लेकर कार्रवाई की जाएगी। अवैध तरीके से इस तरह की फैक्टरी नहीं चलने दी जाएगी, जिससे लोगों के जीवन को नुकसान पहुंच रहा हो। - अनुभव सिंह, एसडीएम।
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