बागपत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटे कई दावेदारों के अरमानों पर आरक्षण घोषित होते ही पानी फिर गया। हालांकि अभी भी कई दावेदारों ने हिम्मत नहीं हारी है और आपत्ति दर्ज कराकर इसे बदलवाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। शुक्रवार को भी दिनभर डीपीआरओ कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराने वालों का जमावड़ा रहा। 12 आपत्तियां दर्ज कराई गई। आठ मार्च तक आपत्तियां दर्ज करा सकते है।
डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र ने बताया कि आठ मार्च तक आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद उन पर विचार-विमर्श कर निस्तारण किया जाएगा। 12-13 मार्च को अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। शुक्रवार को 12 आपत्ति दर्ज कराई गई। इनमें बागपत ब्लाक के फैजुल्लापुर के ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि उनके गांव में 1995 और 2000 में प्रधान पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था। 2005 एससी, 2010 में महिला, 2010 में एससी और अब 2021 में ओबीसी महिला के लिए आरक्षण दिया गया है। गांव में 72 प्रतिशत जनरल आबादी रहती है। इसलिए सीट को जनरल घोषित किया जाए।
इसके अलावा मीतली के गौरव शर्मा ने डीपीआरओ को दिए आपत्ति पत्र में बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य वार्ड 70 वर्ष 2015 में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था। पिछड़ा वर्ग की आबादी 10 फीसदी से भी कम है। इस बार यह सीट पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है। इसे सामान्य वर्ग में आरक्षित किया जाना चाहिए।