बागपत। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के आसपास टाउनशिप बसाने की योजना पर भी काम चल रहा है। कॉरिडोर पर जिन स्थानों पर कट दिए जाएंगे, उनके आसपास के नगरीय क्षेत्र में विकास प्राधिकरण से टाउनशिप विकसित कराने की योजना है, ताकि लोगों को अधिक से अधिक लाभ हो। एनएचएआई ने यह सुझाव रखा है।
दिल्ली-देहरादून के बीच 210 किमी का इकनॉमिक कॉरिडोर जिले के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर मवी कलां में कॉरिडोर को ईपीई से जोड़ने के लिए जंक्शन तैयार किया जाएगा। प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू हो गया है। नौ में से पांच खंड की निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि चार खंड में भूमि अधिग्रहण और वन विभाग की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। कॉरिडोर से लगने वाले शहरों में नई टाउनशिप विकसित करने की योजना है। जहां पर कट होंगे, उसके आसपास संबंधित जिले का विकास प्राधिकरण आवासीय कॉलोनियां बनाकर आवंटन करेगा। सुझाव पर मंथन चल रहा है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक संजय कुमार मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है। सांसद डॉ सत्यपाल सिंह का कहना है कि इससे लोगों को लाभ मिल सकेगा।
इन्हें मिलेगा लाभ
बागपत। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान के लोग इकनॉमिक कॉरिडोर से लाभ मिलेगा।
सहारनपुर तक छह कट
बागपत। इकनॉमिक कॉरिडोर पर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर मवी कलां में जंक्शन बनेगा, यहां पहला कट रहेगा। दूसरा कट बागपत-मेरठ हाईवे पर अग्रवाल मंडी टटीरी, तीसरा कट बड़ौत-मेरठ हाईवे पर बड़ौत, चौथा कट शामली में मेरठ-करनाल मार्ग, पांचवां कट पानीपत-खटीमा मार्ग पर शामली में और छठा कट सहारनपुर में दिया जाएगा।
- पहला चरण : अक्षरधाम दिल्ली से से ईपीई जंक्शन बागपत
- दूसरा चरण : ईपीई जंक्शन बागपत से सहारनपुर बाईपास
- तीसरा चरण : गणेशपुर से देहरादून तक, इस हिस्से में सुरंग मार्ग भी