हिंडन नदी पर बने पुल के मार्ग के निर्माण का मामला
अधिकारी बोले, बृहस्पतिवार को फिर होगी पैमाइश
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। गांव गढ़ी कलंजरी सेतु मार्ग मुआवजे में घोटाले के आरोपों को लेकर जिलाधिकारी सख्त हो गए हैं। यही वजह है कि बुधवार की सुबह तहसील कर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की। अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को फिर पैमाइश की जाएगी।
बता दें कि गढ़ी कलंजरी गांव में हिंडन नदी पर बने सेतु के लिए मार्ग निर्माण में सरकारी नवीन परती की खसरा संख्या 342, 348 की भूमि को भी मुआवजे में शामिल करने का आरोप है। नवीन परती की इस भूमि के मुआवजे की करोड़ों की राशि की बंदरबांट का आरोप है। आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर धामा ने इस घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। एसडीएम अजय कुमार ने जांच शुरू करा दी। उन्होंने तहसीलदार यदुवंश कुमार को गढ़ी कलंजरी गांव में मौजूद तमाम नवीन परती और ग्राम समाज की भूमि को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। डीएम राजकमल यादव ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को नक्शे को देखा था और पूरी रिपोर्ट के साथ कानूनगो और लेखपालों को बागपत तलब किया था। इससे तहसील अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
बृहस्पतिवार सुबह एसडीएम अजय कुमार ने तहसीलदार यदुवंश कुमार, लेखपालों की पूरी टीम को गढ़ी कलंजरी भेजा। उनके साथ में तत्कालीन डीएम शकुंतला गौतम के समय इस भूमि की जांच करने वाले कानूनगो कृष्णपाल शर्मा भी शामिल रहे। उन्होंने दिनभर मौके पर पैमाइश की। एसडीएम ने उन्हें नवीन परती की भूमि को चिह्नित करने के निर्देश दिए। एसडीएम अजय कुमार ने बताया कि करीब 80 बीघा का क्षेत्र है। बुधवार को पैमाइश का काम पूरा नहीं हो पाया है। बृहस्पतिवार को फिर से शेष बचे क्षेत्र की पैमाइश कराई जाएगी।
आरटीआई कार्यकर्ता ने बुधवार को फिर की शिकायत
गांव गढी कलंजरी मामले की जांच के लिए आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर धामा ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत की थी। बुधवार को उसने फिर इस मामले का रिवाइंडर डाला। इसमें पूर्व में की शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि मामले की जांच किसी दूसरी तहसील के राजस्व कर्मियों से कराई जाए। ताकि मामले पर लीपापोती के प्रयास न हो। आरोप लगाया कि जो मामले में संदिग्ध है, वे ही जांचकर्ता बने हुए है।