फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: भागवत कथा में ध्रुव चरित्र प्रसंग सुनाया

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-सात
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। बदरखा गांव के प्राचीन शिव मंदिर में चौथे दिन बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा हुई। कथा वाचक स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने भक्त ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाया।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि एक बार उत्तानपाद सिंहासन पर बैठे हुए थे। ध्रुव भी खेलते हुए राजमहल में पहुंच गए, उस समय उनकी अवस्था पांच वर्ष की थी। बेटा उत्तम राजा उत्तानपाद की गोदी में बैठा हुआ था। ध्रुव भी राजा की गोदी में चढ़ने का प्रयास करने लगे। सुरुचि को अपने सौभाग्य का इतना अभिमान था कि उसने ध्रुव को डांटा और कहा कि इस गोद में चढ़ने का तेरा अधिकार नहीं है। इस गोद में चढ़ना है तो पहले भगवान का भजन करके इस शरीर का त्याग कर और फिर मेरे गर्भ से जन्म लेकर मेरा पुत्र बन, तभी राजा की गोद में बैठेगा। ध्रुव ने तपस्या प्राप्त कर वह स्थान प्राप्त किया, जो किसी को मुश्किल से मिल पाता है। कथा के दौरान रामचरण जिंदल, मास्टर पवन शर्मा, अंकित कौशिक, वीरेंद्र, सतबीर, सोनू खोखर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें