फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: पुलिस ने 19 घंटे में कर दिया सभी घटनाओं का खुलासा

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने 19 घंटे में कर दिया सभी घटनाओं का खुलासा
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

बागपत। निबाली गांव के आर्यन और आदिल ने शराब के नशे में ताबड़तोड़ तरीके से ढाई घंटे में दो हत्याओं समेत चार घटनाओं को अंजाम दे दिया। इसको लेकर पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लग गई तो पुलिस ने 19 घंटे में मुठभेड़ में दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर घटनाओं का खुलासा कर दिया।

जिले में रविवार को दो हत्या व दो युवकों को गोली मारने की घटनाएं होने पर लखनऊ तक से इसकी जानकारी ली गई। उच्च अधिकारियों ने जल्द से जल्द हत्यारोपियों को पकड़कर घटनाओं के खुलासे के आदेश दिए। घटनाओं के खुलासे के लिए बागपत कोतवाली की दो टीमों के अलावा स्वाट, सर्विलांस की टीमें भी एसपी सूरज कुमार राय ने लगाईं। पुलिस को काफी कामयाबी तभी मिल गई थी जब सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में हत्यारोपियों की पहचान हो गई थी। उनको तलाश करने में पुलिस जुट गई और दुड़भा में रविवार शाम लगभग सात बजे दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद पैर में गोली लगने पर पकड़ लिया गया। इस तरह रात 12 बजे इंजीनियर अनुज नैन की हत्या के बाद 19 घंटे में पुलिस ने सभी घटनाओं का खुलासा कर दिया।
विज्ञापन


-

मुठभेड़ में सिपाही घायल, स्वाट टीम प्रभारी बाल-बाल बचे

दुड़भा गांव के जंगल में छिपे हत्यारोपी आर्यन और आदिल ने घेराबंदी कर रहे पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। इसमें गोली लगने से सिपाही रामकुमार घायल हो गए, जबकि स्वाट टीम प्रभारी तपेश्वर सागर बाल-बाल बच गए। उनके भी पेट के पास से गोली निकलते हुए गई। घायल सिपाही रामकुमार का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया।

चिकित्सकों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, एक-एक गोली निकाली
सुपरवाइजर शेखर व इंजीनियर अनुज के शवों का दो चिकित्सकों के पैनल ने रविवार को पोस्टमार्टम किया। शेखर के सीने में एक गोली लगी मिली जो अंदर ही थी और चिकित्सकों ने उसे निकाला। अनुज की गर्दन में भी एक गोली थी, उसको भी चिकित्सकों ने निकाला।
विज्ञापन



शरण मांगने पर दोस्त ने घर से भगाया

चार घटनाओं को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अपने एक दोस्त के घर पहुंचे और उससे घर या जंगल में छिपाने के लिए कहा। इस पर दोस्त ने दोनों को घर से भगा दिया। इसके बाद दोनों गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र के एक गांव में भी पहुंचे, लेकिन वहां भी शरण नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने छिपते हुए दुड़भा गांव के जंगल में पहुंच गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें