बागपत। सरकार की मुहर नहीं लगने से जिले के 30 से अधिक गांवों के ग्रामीणों का सुहाना सफर अटका हुआ है। क्योंकि बड़ौत-अमीनगर सराय मार्ग के चौड़ीकरण की फाइल को पिछले आठ महीने से शासन स्तर से स्वीकृति का इंतजार है। जिसकी स्वीकृति नहीं होने के कारण बड़ौत-अमीनगर सराय मार्ग का चौड़ीकरण नहीं हो पा रहा है।
बड़ौत-अमीनगर सराय मार्ग से नगर के अलावा आसपास के करीब 30 गांवों के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते है। इसके अलावा शुगर मिल चलने पर किसान भी उस मार्ग से गन्ना लेकर मिलों में जाते है। 21.65 किलोमीटर लंबा यह मार्ग अभी साढ़े पांच मीटर चौड़ा है। मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इसपर हादसे भी होते है। जिसके चौड़ीकरण के लिए लोनिवि के अधिकारियों ने मार्च माह में प्रस्ताव बनाकर मुख्य अभियंता कार्यालय भेजा था। जिस से 48 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंजूर करके शासन को भेज दिया गया।
प्रस्ताव भेजा जाने के आठ महीने बाद भी शासन स्तर से स्वीकृति नहीं मिली। जिस कारण मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव फाइलों में ही लटक कर रह गया है तो अधिकारियों को भी शासन से स्वीकृति का इंतजार है।
वर्जन
अमीनगर सराय-बड़ौत मार्ग के चौड़ीकरण की फाइल शासन तक पहुंच चुकी है। जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। जिसके लिए बार बार शासन को पत्र भेजा जा रहा है। अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि।