फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: समीक्षा बैठक में नहीं आए अधिकारी, मंत्री नाराज होकर चले गए

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। गन्ना बकाया भुगतान की समीक्षा के लिए बैठक में अधिकारियों के नहीं आने से प्रदेश सरकार में रालोद कोटे से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार भड़क गए। मंत्री ने पूछा कि डीएम और एसपी कहां हैं तो एडीएम से जवाब मिला की क्षेत्र में गए। मिलों के महाप्रबंधक भी बैठक में नहीं पहुंचे। मंत्री नाराज होकर बैठक निरस्त कर कलक्ट्रेट से चले गए।
विज्ञापन

विज्ञान एवं प्रौद्यागिकी मंत्री अनिल कुमार ने गन्ना बकाया भुगतान की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक का कार्यक्रम तय कराया था जो कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को दोपहर में होनी थी। इस तय कार्यक्रम के अनुसार बैठक लेने के लिए मंत्री अनिल कुमार दोपहर दो बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। उनके साथ सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, छपरौली से विधायक डॉॅॅ. अजय कुमार समेत रालोद के नेता और कार्यकर्ता थे, लेकिन एडीएम पंकज वर्मा, एएसपी एनपी सिंह तथा जिला गन्ना अधिकारी अमर प्रताप सिंह के अलावा कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। अधिकारी बैठक में नहीं आए तो मंत्री ने नाराज होते हुए एडीएम से पूछा कि डीएम-एसपी कहां है। एडीएम ने जवाब दिया कि क्षेत्र में गए हैं। मंत्रीने रमाला व बागपत मिलों के महाप्रबंधक के नहीं आने का कारण पूछा तो उनको बताया गया कि रमाला चीनी मिल के महाप्रबंधक छुट्टी लेकर सामान लेने के लिए घर गए हैं। उन्होंने गन्ना उपायुक्त के बारे में पूछा तो डीसीओ ने जवाब दिया कि वह व्यस्त हैं, कोर्ट गए हैं। इस तरह अधिकारियों के नहीं आने पर मंत्री ने नाराज होते हुए कहा कि क्या समझते हो...यह क्या हो रहा है? भड़कते हुए बैठक निरस्त कर दी। सोमवार को दोपहर 12 बजे दोबारा बैठक करने की बात कहकर गए।
गेस्ट हाउस में पानी व चाय भी नहीं मिली : मंत्री अनिल कुमार पहले लोनिवि के गेस्ट हाउस में पहुंचे थे, वहां रालोद के नेताओं व कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी थी, लेकिन चाय व पानी की व्यवस्था तक नहीं थी। बाद में पानी की गर्म बोतल लाकर रख दी गई तो इसपर भी नेताओं ने नाराजगी जताई।
विज्ञापन

यह बताया जा रहा अधिकारियों के नदारद रहने का कारण : मंत्री अनिल कुमार का विभाग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी है, लेकिन समीक्षा बैठक रखी गन्ना बकाया भुगतान के लिए। जबकि गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी हैं। चर्चा यह रही कि समीक्षा के लिए पत्र जारी होने के बाद मामला विभागीय मंत्री लक्ष्मीनारायण व शासन तक पहुंचा कि अनिल कुमार दूसरे विभाग के कार्यों की समीक्षा कैसे कर रहे हैं? यह अतिक्रमण है। इससे खींचतान शुरू होने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें