नई शिक्षा नीति से मातृ और क्षेत्रीय भाषा को मिलेगा बढ़ावा
सेमेस्टर में विभाजन होने से शिक्षा के स्तर में होगा सुधार
एक साथ दो कोर्स करने की बाध्यता होगी समाप्त
बागपत। केबिनेट में बुधवार को नई शिक्षा नीति को हरी झंडी दे दी। नई शिक्षा नीति में शिक्षण को सेमेस्टर में विभाजित कर दिया। नई शिक्षा नीति में पांचवीं तक मातृ अथवा क्षेत्रीय भाषा में शिक्षण कराया जाएगा और 12वीं में ही बोर्ड की परीक्षा होगी। नौवीं से 12वीं तक का शिक्षण और परीक्षा सेमेस्टर के आधार पर होगी, इससे शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और छात्रों को फायदा मिलेगा।
दसवीं की बोर्ड परीक्षा की बाध्यता खत्म
बागपत। जिले में परिषदीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक और राजकीय विद्यालयों में एक लाख 52 हजार चार सौ 91 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें 91 हजार छात्र-छात्राएं कक्षा एक से आठवीं और 57 हजार तीन सौ 75 छात्र-छात्राएं नौवीं से 12वीं तक पंजीकृत हैं। बृहस्पतिवार को केबिनेट में नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। इसमें हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा की बाध्यता को समाप्त कर दिया है। अब केवल 12 वीं की बोर्ड परीक्षा होगी। पीएचडी के लिए एमफिल की अनिवार्यता समाप्त कर दी। अब एमए के छात्र सीधे पीएचडी कर सकेंगे। छात्रों को एक कोर्स के बीच में दूसरा कोर्स करने की अनुमति मिलेगी।
क्या कहते हैं शिक्षा अधिकारी और शिक्षाविद
नई शिक्षा नीति सरकार की अच्छी पहल
बागपत। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक अंतरिक्ष कुमार का कहना है कि नई शिक्षा नीति लागू होने से छात्र एक कोर्स के बीच में दूसरा कोर्स कर सकेंगे। बीच में पढ़ाई छूटने पर छात्रों को नये सिरे से शिक्षण करने की बाध्यता समाप्त होगी और छात्र एक साथ दो कोर्स कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति सरकार की अच्छी पहल है, जो छात्रों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
मातृ और क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा मिलेगा
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राघवेंद्र सिंह का कहना है कि नई शिक्षा नीति लागू होने से शिक्षा के स्तर बढ़ेगा। मातृ और क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा मिलेगा।
नई शिक्षा नीति में बहुत ज्यादा तो बदलाव नहीं
एसपीसी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल चौहान का कहना है कि नई शिक्षा नीति में बहुत ज्यादा तो बदलाव नहीं किया है। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा समाप्त करने से छात्रों को नुकसान होगा।
नई शिक्षा नीति के असर का इंतजार करना होगा
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बल्लम सिंह शर्मा का कहना है कि सरकार की नई शिक्षा नीति के असर का इंतजार करना होगा।
बेसिक शिक्षा में मातृ भाषा को बढ़ावा मिलेगा
उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास मलिक का कहना है कि नई शिक्षा नीति में प्री-प्राइमरी लागू होने से बच्चों के लिए शिक्षण आसान हो जाएगा। नई नीति में सेमेस्टर से शिक्षण होने से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और बेसिक शिक्षा में मातृ शिक्षा की अनिवार्य से मातृ भाषा को बढ़ावा मिलेगा।
नई शिक्षा नीति सभी वर्ग के बच्चों के लिए लाभदायक होगी
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश यादव का कहना है कि नई शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा मिलेगा। नई शिक्षा नीति सभी वर्ग के बच्चों के लिए लाभदायक होगी।