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बागपत में पुल के नीचे ठोकरों का निर्माण शुरू, हरियाणा की तरफ जमीनी विवाद में अटका

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बागपत के काठा गांव स्थित यमुना पर बना ईपीई से गुजरते वाहनों का फाइल फोटो - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर यूपी-हरियाणा के बीच यमुना नदी पर बने पुल के नीचे ठोकरों का निर्माण शुरू हो गया है। एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के चार साल बाद भी केवल बागपत में ठोकरों का निर्माण शुरू हुआ है, जबकि हरियाणा की तरफ विवाद के कारण अभी जमीन अधिग्रहण अटका है। इन ठोकरों के नहीं बनने से यमुना में लगातार पानी का तेज बहाव आने से पुल को खतरा हो सकता था। इसको देखते हुए अब ठोकर बनवाने में जल्दबाजी की जा रही है।
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कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का निर्माण 5764 करोड़ रुपये से कराया गया था। इसके निर्माण की जिम्मेदारी सद्भाव कंपनी को मिली थी। उसने वर्ष 2018 में निर्माण पूरा कर दिया था। जिसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। एक्सप्रेसवे पर यूपी-हरियाणा के बीच यमुना के ऊपर पुल का निर्माण गया था। उस वक्त पुल का निर्माण जरूर कर दिया गया, लेकिन उसकी मजबूती के लिए ठोकरों का निर्माण अभी तक नहीं किया गया। जिससे यमुना में लगातार पानी का तेज बहाव होने से पुल को खतरा हो सकता है। इसलिए अब एनएचएआई के अधिकारियों को इसकी याद आई है। कंपनी व ठेकेदारों पर ठोकर निर्माण का दबाव दिया गया है। जिससे बागपत की तरफ पुल के नीचे यमुना में ठोकर निर्माण शुरू कर दिया गया है। जिनमें शुरूआत में 20 फुट की ठोकर तो बीच में आठ फुट की ठोकरें बनाई जाएंगी, जिससे पुल को कोई नुकसान नहीं हो सके।
हरियाणा की तरफ जमीन के विवाद में अटक गया निर्माण
हरियाणा की तरफ पुल के पास खुर्मपुर गांव है। खुर्मपुर व नंगला बहलोलपुर गांव के किसानों के बीच जमीन पर मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है। यह विवाद कोर्ट तक पहुंचा हुआ है। जमीन पर विवाद होने के कारण अभी तक उसका अधिग्रहण भी नहीं होने की बात कही जा रही है। इस तरह वहां ठोकरों का निर्माण अटक गया है।
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यमुना पर पुल के नीचे ठोकरों का निर्माण शुरू हो गया है। बागपत की तरफ निर्माण जल्द होने की उम्मीद है तो हरियाणा की तरफ भी निर्माण कराया जाएगा। इससे पुल को मजबूती मिलेगी।-अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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