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बड़ौत कोतवाली से आरोपी के फरार होने पर प्रभारी लाइन हाजिर

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- महिला संग ससुराल वालों के मारपीट करने पर भी नहीं की गई थी कार्रवाई, मौत होने पर किया था मुकदमा
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- खेकड़ा से मगनवीर गिल को बड़ौत कोतवाली प्रभारी तो शिकायत प्रकोष्ठ से देवेश कुमार को खेकड़ा थाना प्रभारी बनाया
- एसओजी प्रभारी जनक सिंह को बिनौली थाना प्रभारी तो एसओ बिनौली को खेकड़ा का एसएसआई बनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दहेज हत्या के आरोपी के शौचालय की दीवार कूदकर भागने के मामले में एसपी नीरज कुमार जादौन ने बड़ौत कोतवाली प्रभारी रवि रतन को लाइन हाजिर कर दिया है। एसपी ने उसे लाइन हाजिर करने के साथ ही बागपत सीओ से जांच भी शुरू करा दी है। इसके अलावा खेकड़ा से मगनवीर गिल को बड़ौत कोतवाली प्रभारी तो शिकायत प्रकोष्ठ से देवेश कुमार को खेकड़ा थाना प्रभारी बनाया गया है। एसओजी प्रभारी जनक सिंह को बिनौली थाना प्रभारी तो एसओ बिनौली को खेकड़ा का एसएसआई बनाया है।
बड़ौत कोतवाली प्रभारी रवि रतन की इस मामले में दूसरी बार लापरवाही सामने आई है। जहां पहले पीड़िता का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था, वहीं लगातार कोतवाली के चक्कर काटने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई थी। उसने वीडियो बनाकर पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाए थे। ज्यादा घायल होने के कारण उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में गुराना रोड पर रहने वाले युवक अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसे पुलिस ने तीन दिन पहले पकड़ा था और वह शौचालय की दीवार कूदकर भाग गया था। कोतवाली प्रभारी रवि रतन अपनी फजीहत बचाने के लिए घटना को कई दिन तक छुपाए रहे। एसपी नीरज कुमार जादौन के संज्ञान में यह मामला आने पर जांच कराकर कोतवाली प्रभारी रवि रतन को लाइन हाजिर कर दिया।
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एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि खेकड़ा थाना प्रभारी मगनवीर गिल को बड़ौत कोतवाली प्रभारी बनाया गया है। शिकायत प्रकोष्ठ के प्रभारी देवेश कुमार को खेकड़ा थाना प्रभारी बनाया गया है। बिनौली थाना प्रभारी संजय कुमार को खेकड़ा थाने का एसएसआई बनाया गया है। एसओजी प्रभारी जनक सिंह को बिनौली थाना प्रभारी बनाया गया।
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यह था मामला
शामली जनपद के मोहल्ला हिरनवाड़ा निवासी अमन के मुताबिक उसकी बहन रूपा की शादी बड़ौत निवासी अमित के साथ हुई थी। आरोप है कि कम दहेज लाने की बात कहकर अक्तूबर में पति, जेठ-जेठानी, सास-ससुर ने मिलकर उसे फांसी लगाकर जान से मारने की कोशिश की थी। मारपीट भी की थी। किसी तरह रूपा बचकर निकली थी। पड़ोसियों की मदद से इसकी सूचना अपने परिजनों को दी। परिजनों के साथ घायल रूपा कोतवाली बड़ौत पहुंची थी और पति, जेठ-जेठानी व सास-ससुर को नामजद कराते हुए तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। घटना के समय रूपा गर्भवती थी। बाद में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने पति, जेठ-जेठानी व सास-ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। सोमवार की रात पुलिस इस मामले में आरोपी अमित को पकड़ कर कोतवाली लाई थी। इसी दौरान आरोपी शौच के बहाने कोतवाली के मेन गेट के पास बने शौचालय की दीवार फांदकर फरार हो गया। तीन दिन से पुलिस मामले को दबाए बैठी रही। मंगलवार की रात एसपी नीरज जादौन बड़ौत कोतवाली पहुंचे तो मामला की जानकारी हुई।
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