संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जहां सनातम धर्म के लिए काम करने पर जोर दिया, वहीं बागपत का इतिहास, चौधरी चरण सिंह, डॉ. सत्यपाल और जयंत सिंह भी उनके भाषण में खास रहे। उन्होंने बागपत को पौराणिक स्थली बताते हुए यहां के महाभारतकालीन इतिहास के बारे में बताया।
सीएम ने कहा कि बागपत हमारी पौराणिक स्थली है। महाभारतकालीन इसका इतिहास है। भगवान कृष्ण ने पांडवों के लिए कौरवों से जो पांच गांव मांगे थे, उनमें से बागपत एक था। कहा कि मैं चार वर्ष पहले यहां आया था, तब यह छोटा सा स्थान था। महंत अर्जुन नाथ, ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने इसे तीर्थ स्थान बनाया है। ऐसे ही होती है विरासत की रक्षा, आपके पूर्वजों ने इस धरा को पांच हजार वर्षों से अधिक समय से संजोकर रखा, तभी बागपत आज भी गौरव के साथ आगे बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में भी एक सपूत का जन्म हुआ, वह थे किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह। उनकी कर्मभूमि के रूप में इस धरा ने देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई। कहा कि एक से एक विभूति यहां से निकली हैं। लोग तो डरते हैं, लेकिन मैं कह सकता हूं कि जाट भी पढ़ा लिखा होकर मुंबई पुलिस कमिश्नर बन जाए। डॉ. सत्यपाल सिंह यहां से निकले थे। मुंबई पुलिस के मुखिया के रूप में उन्होंने वहां दिखाया कि कानून का शासन कैसे होना चाहिए।
इस धरा से निकले चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व में रालोद केंद्र व राज्य सरकार के साथ मिलकर बागपत समेत प्रदेश व देश के विकास के लिए नित नए कीर्तिमान स्थापित करने में सहायक हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह कीर्तिमान आगे भी इस तरह की बनता रहेगा तो इसका सीधा लाभ लोगों को मिलेगा।