बागपत। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग दस हजार परिवार को सूची होने के बाद भी ढूंढने में असफल नजर आ रहा है। विभाग का दावा है कि यह परिवार जिला छोड़कर अन्य राज्यों व जनपदों में मजदूरी के लिए चले गए हैं। वहीं 500 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है, जिससे आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका।
केंद्र सरकार ने सात साल पहले गरीब परिवारों के लोगों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार देने के लिए आयुष्मान योजना शुरू की थी और वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पात्र लोगों का चयन किया गया था। इसके बाद सरकार से सभी जिलों में सूची जारी कर लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के आदेश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग सात साल गुजर जाने के बाद आयुष्मान योजना से वंचित परिवार को ढूंढ नहीं पा रहा है।
विभाग ने प्रधानों, आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का सहारा भी लिया, लेकिन फिर भी यह परिवार नहीं मिल सके। स्वास्थ्य विभाग के पास पात्र लोगों की सूची होने के बाद भी दस हजार परिवार नहीं मिले हैं और ऐसे में पात्र होते हुए भी लोगों को योजना का लाभ तक नहीं मिल पा रहा है।
विभाग दावा कर रहा है कि अधिकतर परिवार मजदूरी करने के लिए दिल्ली, हरियाणा, बिहार व पंजाब आदि स्थानों पर चले गए है और परिवार का कोई सदस्य यहां नहीं रहता है। इसके अलावा 500 से अधिक लोगों की मौत होने के कारण कार्ड नहीं बन सका।