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Baghpat News: लखनऊ अग्निकांड का असर बागपत तक, 82 कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई, 20 हजार छात्रों की बढ़ी चिंता

Sat, 27 Jun 2026 12:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत

सार

 लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद बागपत और बड़ौत में 51 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरियां सील कर दी गईं, जबकि 31 पहले से बंद हैं। इससे करीब 20 हजार प्रतियोगी छात्रों की तैयारी प्रभावित हो गई है।
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दीपक जावला व आकाश, छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी आग की तपिश बागपत तक ऐसी आई कि यहां के विद्यार्थियों का भविष्य उसमें झुलसने लगा। यूपी टीईटी की परीक्षा 2-4 जुलाई में होनी है। अगले दो महीनों में रेलवे, सीएपीएफ, एसएससी, लोअर पीसीएस, बैंक, सीडीएस और एनडीए समेत कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में नियम विरुद्ध चल रहे बागपत जिले में 51 कोचिंग सेंटरों व लाइब्रेरियों पर सील लग चुकी है तो 31 पर ताले लटक रहे हैं।

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इस वजह से इन सेंटरों व लाइब्रेरियों में पढ़ाई करने वाले करीब 20 हजार विद्यार्थियों की तैयारी पर सीधा असर पड़ा है। जिन अभ्यर्थियों को इस समय रिवीजन, टेस्ट सीरीज और अंतिम दौर की तैयारी में जुटा होना चाहिए था, वह अब नई कोचिंग और वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में लगे हैं। क्योंकि बागपत में अब एक भी कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी ऐसी नहीं बची है, जो नियम पूरे होने पर खोले जा सकें।

कोचिंग सेंटरों व लाइब्रेरियों पर यह कार्रवाई सुरक्षा के लिहाज से जरूरी मानी जा रही है, लेकिन इसका सबसे बड़ा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ा है, जिनकी प्रतियोगी परीक्षाएं अब बेहद करीब हैं। नियमित कक्षाएं बंद होने से कई विद्यार्थियों की तैयारी की लय टूट गई है। बागपत और आसपास के क्षेत्रों के अधिकांश युवा यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस, सेना, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीसीएस, शिक्षक भर्ती, सीडीएस और एनडीए जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

कोचिंग उनके लिए केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट, मॉक टेस्ट और प्रतिस्पर्धी माहौल का भी आधार होती है। ऐसे में अचानक कोचिंग बंद होने से अंतिम चरण की तैयारी सबसे अधिक प्रभावित हुई है। कार्रवाई के बाद कई विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम अधूरा रह गया है, टेस्ट सीरीज बीच में रुक गई है और नियमित शंकाओं का समाधान भी नहीं हो पा रहा है। अब मेरठ, दिल्ली व सोनीपत या ऑनलाइन तैयारी करने का विकल्प ही विद्यार्थियों को दिख रहा है।

दीपक जावला व आकाश, छात्र - फोटो : अमर उजाला
सितंबर में सीडीएस व एनडीए की परीक्षा है। यह रिवीजन और मॉक टेस्ट का सबसे महत्वपूर्ण समय है, लेकिन कोचिंग सेंटर बंद होने से तैयारी की पूरी लय टूट गई है। अब समझ नहीं आ रहा है कि कोचिंग किस जगह की जाए। - दीपक जावला

इस समय पीसीएस की परीक्षा के लिए अंतिम चरण की तैयारी चल रही थी। अब नया कोचिंग सेंटर ढूंढ़ने और अधूरा पाठ्यक्रम पूरा करने की चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, लेकिन जिन छात्रों की परीक्षाएं निकट हैं, उनकी पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए भी कोई व्यवस्था होनी चाहिए। - आकाश
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इन परीक्षाओं की तैयारी पर सबसे ज्यादा असर
- यूपी टीईटी : 2, 3 और 4 जुलाई
- आरआरबी एनटीपीसी (स्नातक स्तर) सीबीटी-2 : 10 जुलाई
- सीएपीएफ (सहायक कमांडेंट) : 19 जुलाई
- एसएससी सीजीएल टियर-2 : जुलाई
- एसएससी सीजीएल : अगस्त
- लोअर पीसीएस : 23 अगस्त
- आईबीपीएस पीओ : 22-23 अगस्त
- एसबीआई पीओ : अगस्त
- उत्तर प्रदेश पीईटी : 6 सितंबर (प्रस्तावित)
- यूपीएससी सीडीएस : 13 सितंबर
- एनडीए : 13 सितंबर
 
नियमों को पूरा नहीं करने वाले कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी ही बंद कराए जा रहे हैं। संचालक जितनी जल्दी नियमों को पूरा करके जांच करा लेंगे, वह उतनी ही जल्दी कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी चला सकते हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए ही कार्रवाई की गई है, क्योंकि सबसे पहले उनकी सुरक्षा जरूरी है। उनको खतरा नहीं रहेगा, तभी पढ़ाई अच्छी होगी। - अमरेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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