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Baghpat News: किराए के भवन में शुरू होगी ईएसआईसी डिस्पेंसरी, श्रमिकों को मिलेगी सुविधा

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बागपत। औद्योगिक क्षेत्र में ईएसआईसी डिस्पेंसरी के लिए निशुल्क जमीन नहीं मिलने के कारण अफसरों ने अब इसे किराए के भवन में शुरू करने की तैयारी कर दी है। इससे जिले के 50 हजार से अधिक उद्यमियों और श्रमिकों को सुविधा मिलेगी। उन्हें उपचार के लिए मेरठ की दौड़ लगाने से भी राहत मिलेगी।
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जिले में पचास हजार से अधिक श्रमिक हैं, जिन्हें जिले में ईएसआईसी डिस्पेंसरी नहीं होने के कारण उपचार कराने के लिए दूसरे जिलों की दौड़ लगानी पड़ रही है। ज्यादातर श्रमिक मेरठ के अस्पताल में जाकर उपचार कराते हैं। इसके चलते बागपत इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी वर्ष 2020 से जिले में ईएसआईसी अस्पताल बनवाने की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2024 में जिले में ईएसआईसी अस्पताल बनाने को मंजूरी मिली। इसके लिए निशुल्क जमीन की तलाश शुरू कर दी गई। डौला गांव में निशुल्क जमीन मिलने के बाद प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन वो निरस्त कर दिया गया।
औद्योगिक क्षेत्र में भी निशुल्क जमीन नहीं मिलने के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इसके चलते ईएसआईसी के सीएमओ डॉ. सुनीता सिंह और श्रम विभाग के अधिकारियों ने बागपत शहर में सब्जी मंडी के पास नगर पालिका का भवन, बीएलएनएल का भवन और औद्योगिक क्षेत्र में एक भवन का निरीक्षण किया। इसके बाद अफसरों ने तीनों भवनों की स्थिति की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी। अब मंजूरी मिलने के बाद डिस्पेंसरी शुरू करा दी जाएगी।
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श्रमिकों के लिए ईएसआईसी डिस्पेंसरी बहुत जरूरी है। जिले में काफी समय से ईएसआईसी डिस्पेंरी की मांग उठाई जा रही थी। इससे श्रमिकों और उनके परिवार वालों को जिले में ही उपचार मिल सकेगा। योगेश जिंदल, जिलाध्यक्ष, इंडिस्ट्रीज ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन
-कई वर्षों से डिस्पेंरी की मांग उठाई जा रही थी, जो अब पूरी होती हुई नजर आ रही है। अभी तक श्रमिकों और मरीजों को निजी अस्पतालों में रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। डिस्पेंसरी शुरू होने से श्रमिकों को सुविधा मिलेगी। -दिनेश गोयल, अध्यक्ष, बागपत इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन
वर्जन-
ईएसआईसी डिस्पेंसरी के लिए जिले में तीन जगहों पर भवन देखे गए हैं। ईएसआईसी के उच्चाधिकारियों की मंजूरी मिलते ही डिस्पेंसरी शुरू करा दी जाएगी। -गोविंद यादव, सहायक श्रमायुक्त
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