पुलिस ने गाड़ी चालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया
मंगलवार को खैला मोड़ के पास 1.30 लाख की लूट होना बताया था
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। खेकड़ा क्षेत्र में मंगलवार को हुई लूट की वारदात जांच में फर्जी साबित हुई। गाड़ी के चालक ने व्यापारी के 1.30 लाख रुपये हड़पने के लिए दो हेल्परों की मदद से यह ड्रामा रचा था। आरोपियों को नई गाड़ी खरीदनी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।
एसपी अभिषेक सिंह ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि सुमित कुमार निवासी ग्राम बेहटा हाजीपुर गाजियाबाद ने मंगलवार को सूचना दी थी कि वह महिंद्रा पिकअप गाड़ी में दिल्ली के एक व्यापारी की खल की बोरी लेकर कस्बा खेकड़ा में कारोबारी सुभाष की दुकान पर आया था। गाड़ी खाली कराने के बाद कारोबारी से 1.30 लाख रुपये लेकर लौट रहा था। ग्राम खैला मोड़ के पास दो बाइक सवार चार बदमाशों ने उससे पिस्टल व तमंचे के बल पर 1.30 लाख रुपये व मोबाइल लूट लिया। एसपी के मुताबिक घटना की जांच में सामने आया कि सुमित से लूट नहीं हुई थी, बल्कि उसने गाड़ी के हेल्पर सोनू व प्रवीण निवासीगण मंडौली के साथ मिलकर 1.30 रुपये हड़पने के लिए लूट की झूठी घटना दर्शाई थी। कारोबारी सुभाष की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तीनों आरोपियों को बुधवार सुबह ग्राम रटौल की नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से दो तमंचे, तीन कारतूस, एक चाकू, एक मोबाइल और लूटे गए दिखाए गए 1.30 लाख रुपये बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी सुमित कुमार ने बताया कि उसकी बुलेरो गाड़ी पुरानी हो गई थी। नई गाड़ी खरीदने के लिए बैंक से लोन लेना था। चार लाख रुपये जमा करने के बाद ही उसका 60 प्रतिशत का लोन होता। बैंक में जमा करने के लिए कुछ ही रुपये का इंतजाम हो पाया था। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उसने अपने साथियों से 1.30 लाख रुपये हड़पने को उसने यह कहानी रची थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी सुमित ने घटना कराने के लिए गाड़ी के दोनों हेल्परों को 15-15 हजार रुपये दिए थे।