खेड़ा इस्लामपुर यमुना खादर में हंगामा करते किसान
- फोटो : BAGHPAT
- 35 किसानों के परिवार का केवल यमुना खादर की जमीन से होता है गुजारा खेड़ा इस्लामपुर के
- महिला प्रधान ने भी लगाया अपने साथ अभद्रता का आरोप लगाया, सीएम तक शिकायत की
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। खेड़ा इस्लामपुर गांव में मंगलवार को पिलर लगाने के लिए हरियाणा के रेत ठेकेदार की मशीन मंगवाई गई तो किसान भड़क गए। मशीन के आगे खड़े होकर विरोध जताया। कहा कि फसल ही उजाड़ दी, अब वे कैसे अपने परिवारों का पालन पोषण करेंगे। यही तो उनकी जीविका का सहारा है। उन्हाेंने हरियाणा के ठेकेदार से मिलीभगत करके कार्रवाई करने का आरोप लगाया। महिला प्रधान ने भी अपने साथ अभद्रता का आरोप लगाया।
खेड़ा इस्लामपुर के करीब 35 ऐसे किसान है, जिनकी यमुना खादर में जमीन है। इस जमीन के सहारे ही परिवार का गुजारा होता है। वर्तमान में लौकी, खीरा, खरबूजा, तरबूज की फसल लगाई हुई है। अब फसल मिलनी शुरू होनी थी। ग्राम प्रधान रीना ने आरोप लगाया कि फसल की शुरूआत होने से पहले ही तहसीलदार ने उसे उजड़वा दिया। इस फसल को बेचकर ही 35 परिवार का गुजारा होना था। अब इन 35 परिवारों के पास परिवार का गुजारा करने का दूसरा कोई साधन नहीं है। यह सभी परिवार अब न्याय नहीं मिलने पर गांव से पलायन करेंगे। महिला प्रधान ने तहसीलदार पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया। आरोप है कि इस तरह से यूपी के अधिकारी खुद ही यहां के किसानों की जमीन पर हरियाणा का कब्जा कराने लगे है। इस पूरे मामले में तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। सीएम कार्यालय तक इसकी शिकायत की गई है।