बिजरौल के जंगल में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के जद में आए निर्माण को ध्वस्त करती जेसीबी।
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बड़ौत । दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण के जद में आए बिजरौल निवासी किसान बलवान के खेत में बने दो कमरों को एनएचआई के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। निर्माण ढहाने का किसानों ने विरोध भी जताया।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण के लिए एनएचआई ने तीन साल पहले बिजरौल गांव के बलवान सिंह निवासी बिजरौल की करीब पांच एकड़ भूमि को अधिग्रहित किया था। कॉरिडोर निर्माण के बीच फिर से किसान की करीब एक बीघा जमीन का अधिग्रहण किया गया। इसका मुआवजा भी किसान को दे दिया गया। बुधवार एनएचआई के अधिकारी पुलिस बल लेकर दोनों कमरों को ध्वस्त करने के लिए पहुंचे। जहां पर किसानों ने एकत्र होकर विरोध किया। इसके बाद भी कमरों को ध्वस्त किया गया। किसान बलवान सिंह ने ध्वस्त कमरों के मुआवजे के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी। एनएचआई परियोजना निदेशक नरेंद्र ने बताया कि जमीन का मुआवजा किसान को दे दिया गया। इसके बाद ही जमीन का अधिग्रहण किया गया है।