बागपत। एटीएम में डालने के लिए 5.21 करोड़ रुपये बैंक से लेकर गबन के दो मुख्य आरोपियों गौरव व रॉकी की रिमांड पर आने से पहले दिन हालत बिगड़ गई। बंदी रक्षकों ने दोनों का जिला अस्पताल में उपचार कराया और छुट्टी मिलने पर वापस जेल में शिफ्ट कर दिया। जेल में बंद दोनों मुख्य आरोपियों को मंगलवार को रिमांड पर लेकर बड़ौत पुलिस गबन की रकम के बारे में पूछताछ करेगी।
मेरठ की सीएमएस कंपनी बैंकों से रुपये लेकर एटीएम में डालने का काम करती हैं। इसके लिए बड़ौत क्षेत्र की जिम्मेदारी आरिफपुर खड़खड़ी के गौरव तोमर और लिसाढ़ गांव के रॉकी मलिक को दी गई थी। इन दोनों ने एटीएम में डालने के लिए 5.26 करोड़ रुपये लिए, लेकिन एटीएम में रुपये नहीं डाले गए।
इसकी कंपनी ने जांच कराई तो गबन का मामला सामने आया तो पिछले महीने बड़ौत थाने में मुकदमा कराया गया। सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मुख्य आरोपियों गौरव व रॉकी की तलाश में लगी थी।
मगर, चंडीगढ़ में पुलिस से सेटिंग करके दोनों मुख्य आरोपी चार दिन पहले तमंचे व कारतूस के साथ गिरफ्तार हो गए। बागपत पुलिस के आपत्ति जताने पर जांच कराई तो उनके सेटिंग से गिरफ्तार होने का पता चला। तब चंडीगढ़ में डीसीसी प्रभारी जसमिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल सतीश और सीनियर कांस्टेबल समुंदर को निलंबित करने के साथ ही मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद सेटिंग कराने वाले मनीष निवासी जोहड़ी को भी गिरफ्तार कर चंडीगढ़ जेल भेज दिया गया। चंडीगढ़ जेल में बंद छह आरोपियों को बागपत जेल में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस मंगलवार को दोनों मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में जुटी हुई है, लेकिन रिमांड से पहले दिन गौरव और रॉकी की हालत बिगड़ गई।