बड़ौत। अतिकुपोषित बच्चे भगवान भरोसे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को दिसंबर से पुष्टाहार नहीं मिला है। पंजीरी (पुष्टाहार) बंद होने पर सरकार की ओर से तीन से छह साल के बच्चे को एक किलो अनाज देने की व्यवस्था की थी। वह भी दिसंबर से बंद है। नतीजतन अतिकुपोषित बच्चों की हालत बिगड़ रही है। सरकार से मदद की उम्मीद भी टूट रही है।
तहसील क्षेत्र में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की देखरेख में करीब 761 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन पर करीब 9082 गर्भवती महिलाएं और 15631 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 500 कुपोषित बच्चे पंजीकृत हैं। इन केंद्रों पर बच्चों को एक साल पहले तक पंजीरी दी जाती थी। कोरोना काल में केंद्र बंद हुए तो घर-घर पंजीरी वितरित की गईं। सितंबर 2020 से सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक किलो अनाज देने की व्यवस्था की थी। अक्टूबर में राशन डीलरों से खाद्यान्न लेकर समूहों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया। जिसका नवंबर में वितरण हुआ। इसके बाद शासन से निर्देश जारी नहीं हुए। इसके परिणामस्वरूप दिसंबर और जनवरी में बच्चों को न पंजीरी मिली है और न अनाज।
ये बोले अभिभावक
तीन माह से नहीं मिल रहा आहार
लुहारा गांव निवासी रूपा पत्नी दीपक की एक वर्षीय बच्ची अवनी अतिकुपोषित है। उसका वजन कुल 7 किलोग्राम है। उसे दस माह की उम्र तक पुष्टाहार नहीं मिला। नवंबर 2020 में एक किलो अनाज, आधा किलो दाल व 250 ग्राम घी मिला था। अब तीन माह से कुछ नहीं मिल रहा है।
बच्ची अस्पताल में भर्ती कराई
लुहारा गांव निवासी अंशु पत्नी जितेंद्र की एक वर्षीय दविका अतिकुपोषित है। उसका वजन कुल 5.8 किलोग्राम है। नवंबर के बाद से राशन नहीं मिला है। बच्ची तबीयत बिगड़ने पर एक सप्ताह अस्पताल में भर्ती रही।
अधिकारी नहीं दे रहे जवाब
सिलाना गांव की रीना का तीन वर्षीय पुत्र शिवाय अतिकुपोषित है। उसका वजन नौ किलोग्राम है। बताया कि जन्म से अब तक केवल दिसंबर में तीन किलो चावल मिला था और एक दूध का पैकेट। इसके बाद से कुछ नहीं मिला है। अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं।
अधिकारियों को नहीं पता क्या होगा
सीडीपीओ बड़ौत सारधा और सीडीपीओ छपरौली जानकी देवी ने बताया कि विभाग से एक महीने का राशन मिला था। दिसंबर से आपूर्ति नहीं मिली। ऐसे में कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों की जिम्मेदारी उनके अभिभावकों पर है। वहीं, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विकास सिंह का कहना है कि अभी तक शासन से निर्देश भी नहीं मिले हैं।
ये हैं आंगनबाड़ी केंद्र
बड़ौत 384
छपरौली 162
बिनौली 215
कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का आंकड़ा
ब्लॉक अति कुपोषित कुपोषित
बड़ौत 130 212
बिनौली 122 203
छपरौली 78 326