बागपत। प्रदेश सरकार ने पांचवां बजट पेश किया। बजट में प्रत्येक वर्ग को साधने के लिए घोषणाएं की गई है। एक जिला एक उत्पाद के लिए 250 करोड़ की व्यवस्था की गई। भाजपा नेताओं ने कहा बजट बहुत अच्छा है, जबकि विपक्षी नेताओं ने कहा कि बजट से निराशा हाथ लगी है।
सोमवार को सुबह से ही बजट को लेकर आमजन के बीच उत्सुकता रही। मोबाइल और टीवी के जरिये लोगों ने बजट का हाल जाना। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में पात्र बालिकाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए बजट की व्यवस्था किए जाने पर खुशी जताई गई। मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना को सही बताया। महिला सामर्थ्य योजना के नाम से नई योजना का किया एलान, जिस पर खुशी जताई गई। महिला रेखा रानी और पूनम देवी का कहना है कि महिलाओं के लिए नई योजना की घोषणा सराहनीय है। उदय राज, डॉ. वीरेंद्र राणा ने कहा बजट संतोषजनक है और प्रत्येक वर्ग का ख्याल रखा गया है। रालोद नेता ओमवीर ढाका ने कहा कि बजट से निराशा हाथ लगी है। किसानों के लिए बजट में कोई नई बात नहीं है। युवा अधिवक्ता अरुण कौशिक और अधिवक्ता नीरज शर्मा ने कहा बजट सराहनीय है।
किसने क्या कहा - पक्ष
भाजपा विधायक योगेश धामा ने कहा कि बजट सकारात्मक रहा है। सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 से आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना संचालित की जाएगी। किसानों को लाभ मिलेगा।
छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला का कहना है कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए 600 करोड़ रुपये बजट की व्यवस्था की गई है। इससे किसानों को सहायता मिल सकेगी। रियायती दरों पर किसानों को फसली ऋण उपलब्ध कराने के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
बड़ौत के विधायक केपी मलिक का कहना है कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के लिए बजट में 15 हजार सोलर पंपों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का यह बड़ा और सराहनीय कदम है। प्रत्येक वर्ग का बजट में ख्याल रखा गया है।
किसने क्या कहा - विपक्ष
बागपत ब्लॉक प्रमुख सुभाष गुर्जर ने कहा कि बजट से प्रत्येक वर्ग को निराशा हाथ लगी है। किसानों की आय कैसे दोगुनी होगी। डीजल, कीटनाशक और खाद के दाम बढ़ रहे हैं। सरकार का रवैया बेहद ही निराशाजनक रहा है। बजट से उम्मीद लगाए बैठे लोगेां को भी जोर का झटका लगा है।
सपा नेता अर्जुन अवार्डी पहलवान शोकेंद्र तोमर का कहना है कि बजट से किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कोई नई बात प्रदेश सरकार के बजट में नहीं है। मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था प्रदेश सरकार के समय से ही है। किसान पर आज बिजली, बकाया भुगतान, महंगे डीजल, खाद और दवाई की मार है। किसानों को राहत नहीं मिली है।
रालोद नेता अरुण तोमर बॉबी का कहना है कि बजट निराशाजनक है। किसानों के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं किया है। किसान की आय दोगुनी कैसे हो सकती है। प्रदेश में एक भी किसान ऐसा नहीं है, जिसकी आय दोगुनी हुई हो या होने की संभावना हो। महंगाई रोकने में सरकार नाकाम साबित हुई है।
सपा नेता डॉ. शालिनी राकेश ने कहा कि बीजेपी सरकार के आखिरी बजट से भी निराशा ही हाथ लगी है। किसान, व्यापारी किसी के हित की कोई ठोस बात नहीं हुई। गन्ना पेमेंट की कोई बात नही हुई। महिला सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण, शिक्षा आधुनिकीकरण की कोई बात नही हुई। जिले साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। मेट्रो, मेडिकल कॉलेज के लिए कोई बजट ना देकर बागपत से सौतेला व्यवहार किया है।