छुटमलपुर। देहरादून में बादल फटने की घटना के बाद लापता हुए क्षेत्र के छह मजूदरों में से तीन के शव तीसरे दिन बरामद हो गए हैं। परिजनों ने उनकी शिनाख्त गांव मीरपुर निवासी विकास (22), श्यामलाल (62) और धर्मेंद्र (45) के रूप में की है। अभी तीन मजदूर मीरपुर के मिथुन, गंदेवड़ा के सचिन और माजरी के सुरेंद्र लापता हैं। उनके बारे में कोई सुराग नहीं लगा है।
15 सितंबर की रात एक बजे बादल फटने के बाद देहरादून के माल देवता के निकट चमरौली गांव में रह रहे फतेहपुर थाना क्षेत्र के तीन गांवों के छह लोग लापता हो गए थे। इनमें गांव मीरपुर के चाचा भतीजा श्यामलाल और मिथुन, धर्मेंद्र, विकास तथा खुजनावर माजरी गांव के सुरेंद्र और गंदेवड़ा निवासी सचिन शामिल हैं। यह सभी वहां पत्थर तुड़ाई की मजदूरी पर गए थे। लापता होने के बाद से ही मजदूरों के परिजन देहरादून में डेरा डाले थे। बृहस्पतिवार दोपहर सर्च अभियान के दौरान विकास, श्यामलाल और धर्मेंद्र के शव मिल गए। इसके बाद उनके परिजनों को खबर की गई। देर रात तक शवों को गांव में नहीं लाया गया था। उधर, ग्राम प्रधान के पति सुशील उपाध्याय ने सरकार से मृतकों के आश्रितों को आर्थिक मदद देने की मांग की है। उनका कहना है कि सभी मृतक और लापता बेहद ही गरीब परिवारों से हैं।
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चाचा की मौत पर घर आ जाता तो न होता हादसे का शिकार
गंदेवड़ा निवासी सचिन सात सितंबर को अपने चाचा के बेटे कंवर सिंह के साथ देहरादून मजदूरी करने गया था। हादसे वाले दिन 15 सितंबर को उसके चाचा जयराम की मौत हो गई थी। कंवर सिंह तो चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव आ गया था, लेकिन सचिन वहीं पर रुक गया था। पत्नी बेबी उस घड़ी को कोस रही है जब पति अपने भाई के साथ घर नहीं आए और काम ज्यादा होने के चलते देहरादून में ही रुक गए थे। वह रुआंसी होकर बताती है कि यदि उस दिन वह भी घर आ जाते तो आन उनके बीच सुरक्षित होते। सचिन के चार बेटे हर्ष, यश, कविराज और अवि हैं। सबसे बड़ा 11 साल का तथा सबसे छोटा चार साल का है। पारिवारिक भाई सुंदर बताते हैं कि बड़ा भाई नरेंद्र और अन्य लोग सचिन की तलाश में देहरादून में ही डेरा डाले हैं।
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हादसे से पहले फोन कर पूछा था हालचाल
गांव खुजनावर माजरी निवासी सुरेंद्र के परिवार में पत्नी बबली, बेटी अंशिका, उससे छोटा बेटा अंशुल और सबसे छोटा 12 साल का हनी है। अंशुल बताता है कि उसने हादसे वाले दिन सुबह के वक्त पापा का मोबाइल रिचार्ज किया था। इसके बाद सुरेंद्र ने अपने चाचा के बेटे जयपाल से फोन पर बात करके गांव में सभी का हालचाल पूछा था। उसी रात यह हादसा हो गया। सुरेंद्र की तलाश में उनके भाई रणबीर, महेंद्र और गुलाब सिंह सहित परिवार और गांव के 10-15 लोग देहरादून गए हुए हैं।