संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे शांति विधान व दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं ने उत्तम मार्दव धर्म की पूजा की।
विधान में पंडित महेश चंद शास्त्री ने कहा कि अहंकार का त्याग करना ही उत्तम मार्दव धर्म कहलाता है। उन्होंने कहा कि अहंकार की दीवार मनुष्य को स्वयं के भीतर जाने नहीं देती, अहंकार के कारण विवाद होते हैं। उन्होंने कहा कि मन को मारना ही मार्दव को स्वीकार करना है। अहम की मृत्यु ही सत्य का जीवन है। पूजा में बादामी जैन, लता जैन, नमन जैन, मुकेश जैन, विशांत जैन, मुकेश जैन, सचिन जैन आदि उपस्थित रहे।
उधर, बिनौली के श्री दिगंबर जैन पुराना मंदिर, सकल समाज बड़ा मंदिर में भी दशलक्षण पर्व के दूसरे पंडित अशोक शास्त्री के निर्देशन जैन समाज के लोगों ने उत्तम मार्दव धर्म की पूजा अर्चना की। रात्रि में मंदिर में भजन संध्या, आरती व बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान प्रमोद जैन, नीरज जैन, उत्सव जैन अंकुर जैन, आशीष जैन, अनुभव जैन, गौरव जैन आदि उपस्थित रहे।