प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर माहौल गरमाया
14 मार्च को ब्लॉक मुख्यालय में लगाई जानी हैं चौधरी चरण सिंह और राजेश पायलट की प्रतिमा
रालोद ने चबूतरा तोड़ने का लगाया आरोप, सरूरपुर कलां में सर्वजातीय पंचायत आज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। ब्लॉक मुख्यालय में 14 मार्च को चौधरी चरण सिंह और राजेश पायलट की प्रतिमा की स्थापना को लेकर माहौल गरमा गया है। रालोद नेताओं का आरोप है कि सत्ताधारी नेताओं के दबाव में प्रशासन ने प्रतिमाओं के लिए निर्मित चबूतरा ध्वस्त करा दिया। रालोद ने इस मुद्दे पर बुधवार को सरूरपुर कलां गांव में सर्वजातीय पंचायत बुलाई है। गुर्जर महासभा ने भी इसी मुद्दे पर बागपत में समाज की पंचायत बुलाई है।
रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि पिछले वर्ष ब्लॉक मुख्यालय में क्षेत्र पंचायत की बैठक हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से ब्लॉक मुख्यालय परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री व किसान नेता राजेश पायलट की प्रतिमा की स्थापना का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके लिए 14 मार्च का दिन तय किया गया। प्रतिमाओं का अनावरण रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को करना है। दोनों प्रतिमाएं आ गईं हैं। इनके लिए चबूतरे का निर्माण कराया गया था।
आरोप है कि प्रशासन ने सत्ताधारी नेताओं के दबाव में रात में चबूतरा ध्वस्त करा दिया। इस मुद्दे पर वह डीएम से मिले, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। डीएम अब छह माह बाद भी इस प्रस्ताव की फाइल अपने पास न आने और प्रतिमा स्थापना के लिए अनुमति लेने की बात कर रहे हैं। यशवीर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने दबाव बनाया तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस दौरान रालोद जिलाध्यक्ष डॉ. जेपी सिंह, गुर्जर महासभा के जिलाध्यक्ष करतार सिंह, उपाध्यक्ष सौराज सिंह, पूर्व विधायक राजेंद्र मुन्ना, अजय तोमर, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
पंचायतों में तय की जाएगी रणनीति
इसी मुद्दे पर रालोद नेताओं ने सरूरपुर कलां गांव में बुधवार दोपहर दो बजे सर्वजातीय पंचायत बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बागपत में गुर्जर महासभा ने भी समाज की पंचायत आहूत की है। रालोद नेताओं का कहना कि प्रतिमाओं की स्थापना हर कीमत पर की जाएगी। इसके लिए आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
17 मार्च को समाप्त हो रहा ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल
रालोद नेता और ब्लॉक प्रमुख सुभाष गुर्जर का कार्यकाल 17 मार्च को समाप्त हो रहा है। रालोद नेताओं का आरोप है कि प्रशासन जानबूझ कर प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम को अटका रहा है। पहले भी महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना जिलेभर में हुई हैं। इससे पहले प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई। साफ जाहिर है कि प्रशासन का यह रवैया राजनीति से प्रेरित है।