बागपत। कोरोना महामारी के चलते माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त कर दी है। इस साल कक्षा दस में पंजीकृत कराने वाले करीब साढ़े 16 हजार छात्र-छात्राआें को बिना परीक्षा दिए ही प्रोन्नत किया जाएगा। साथ कक्षा छह से 11 तक के सभी बोर्ड के करीब 70 हजार छात्र-छात्राआें को प्रोन्नत करने के निर्देश दिए है। इसके अलावा जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में इंटरमीडिएट की परीक्षा कराए जाने की संभावना है। इसकी समय सारिणी जल्द ही जारी होने की उम्मीद है।
कोरोना संक्रमण की महामारी के चलते पूर्व में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं टल गई थी। अब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया है। जिले में 71 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय, 52 वित्तविहीन और 19 राजकीय विद्यालय है। इनमें 108 विद्यालय इंटरमीडिएट और 34 विद्यालय हाईस्कूल तक संचालित है। इनके अलावा जिले में 62 उच्च प्राथमिक और 138 कंपोजिट विद्यालय, दो कस्तूरबा आवासीय विद्यालय है। जिले में इस साल 16 हजार 548 छात्र-छात्राआें ने कक्षा दस में पंजीकरण कराया है, जिन्हें बिना परीक्षा दिए ही प्रोन्नत किया जाएगा। इनके अलावा हाईस्कूल को छोड़कर कक्षा छह से 11वीं तक के 70 हजार छात्र-छात्राएं भी पंजीकृत है। शासन के निर्देशानुसार इन छात्र-छात्राओं को बिना परीक्षा के प्रोन्नत किया जाएगा।
डेढ़ घंटे में देने होंगे तीन प्रश्नों के उत्तर
बागपत। 12वीं की परीक्षा में अभ्यर्थियों को डेढ़ घंटे में तीन प्रश्नों के उत्तर देने का निर्णय लिया गया है। कोरोना संक्रमण महामारी को देखते हुए शिक्षकों ने शासन के निर्देश को सही ठहराया है, जबकि छात्रों का कहना है कि डेढ़ घंटे में तीन प्रश्नों के उत्तर देने में अच्छी ग्रेडिंग न मिलने की संभावना हो सकती है।
छात्र हित में परीक्षा जरूरी, मगर सरकार का निर्णय सही
- इंटरमीडिएट कालेज सरुरपुर के प्रधानाचार्य राजबीर सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार का निर्णय सही है। परीक्षा के दौरान संक्रमण बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। दिगंबर जैन इंटर कालेज बड़ौत के शिक्षक अजय राज शर्मा का कहना है कि छात्र हित में परीक्षा अनिवार्य है। बिना परीक्षा के छात्रों का मूल्यांकन होना संभव नहीं है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए ऑनलाइन शिक्षण की भांति ऑनलाइन परीक्षा भी कराई जा सकती है। हालांकि संक्रमण को देखते हुए निर्णय को गलत भी नहीं ठहराया जा सकता है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक विकास मलिक का कहना है कि छात्र हित में परीक्षा जरूरी है। शासन ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए छात्रों को प्रोन्नत करने का निर्णय लिया है, जो संक्रमण से बचाव के लिए सही है।
छात्र बोले सही नहीं हो पाएगा मूल्यांकन
बागपत नगर के सिसाना रोड के छात्र अनुज कुमार का कहना है कि परीक्षा में डेढ़ घंटे का समय और केवल तीन प्रश्नों के उत्तर देने का निर्णय सही नहीं है, इससे छात्रों को मूल्यांकन सही नहीं हो पाएगा। छात्र गगन त्यागी का कहना है कि प्रत्येक विषय की दो-दो किताबें है। अब परीक्षा के नियमों में बदलाव करने से छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक नहीं मिल सकेंगे। सबसे अधिक परेशानी पासिंग मार्क्स की तैयारी करने वाले छात्रों को होगी।