बागपत के पिछौकरा गांव में जमीन के टुकड़े को लेकर बुधवार की रात बवाल हुआ था। इसको लेकर दूसरे दिन भी तनावपूर्ण स्थिति बनी है, लेकिन पुलिस इस घटना को हल्के से ले रही है और वह यह कहकर पल्ला झाड़ रही है कि दोनों पक्षों में समझौता हो रहा है। घटना के बाद से गांव से पुलिस भी हटा ली गई है, लेकिन गांव में फिर से झगड़े की आशंका है।
इस जमीन के टुकड़े को लेकर प्रधान पक्ष और पूर्व प्रधान पक्ष के लोगों में दो दिन पहले भी झगड़ा हुआ था, लेकिन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री और सपा नेता हाजी तराबुद्दीन ने दोनों पक्षों के बीच फैसला करा दिया था। यदि पुलिस उसी दिन इस मामले को सख्ती से लेती तो बुधवार की शाम जो हुआ वह न होता। बुधवार की रात में दोनों पक्षों में जमकर हुए पथराव और फायरिंग के बाद बृहस्पतिवार को भी पूर्व प्रधान मुंशी पक्ष के रमजानी के घरों में ईंट-पत्थर बिखरे थे और उनकी महिला शबनम, फातिमा, गुलिस्ता और रमजानी घायल अवस्था में थे।
वहीं प्रधान फरमान पक्ष के महमूद के घर में भी जगह-जगह पत्थर बिखरे थे और वहां खड़ी गाड़ी के शीशे भी टूटे थे। जिस समय यह विवाद हुआ, वहां पर प्रदेश के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हाजी तराबुद्दीन महमूद के यहां खाना खा रहे थे। खाना खाते समय महमूद के घर में प्लेटें भी टूटी थी और घायल अवस्था में था। इसको लेकर पुलिस ने दोनों पक्ष के चार लोगों को हिरासत में लिया।
इससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी है। सूत्रों के अनुसार कभी भी फिर से गांव में बवाल हो सकता है, लेकिन पुलिस वहां से हटा ली गई है। रमजानी पक्ष ने कहा पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई कर रही है। इससे दूसरे पक्ष के लोगों में काफी आक्रोश हैं। इस संबंध में थानाध्यक्ष बिनौली नरेश चंद आजाद ने कहा चार लोगों को हिरासत में लिया है और दोनों पक्षों में समझौता होने के प्रयास चल रहे हैं। हालात सामान्य है। गांव में पुलिस पिकेट तैनात करने की कोई जरूरत नहीं है।