छपरौली। क्षेत्र पंचायत छपरौली के ठेकेदारों को धमकी मिली तो दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर रद्द कर दिए गए। इन कार्यों के लिए 30 ठेकेदारों ने निविदा डाली थी, मगर ब्लॉक प्रमुख अंशु खोखर ने ठेकेदारों को धमकी मिलने की बात कहकर बीडीओ केके पांडेय से टेंडरों की प्रक्रिया को रद्द करा दिया। इसमें ठेकेदारों ने शिकायत दर्ज कराई तो जांच शुरू हो गई।
छपरौली ब्लॉक में विकास कार्यों के लिए करीब तीन करोड़ रुपये खाते में पड़े हुए हैं, इसलिए बीडीओ ने दो करोड़ रुपये से 27 विकास कार्य कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई थी। इनमें नाला, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड निर्माण समेत अन्य कार्य शामिल थे। टेंडर लेने के लिए करीब 30 ठेकेदारों ने निविदा डाली गई। यह निविदा सात अगस्त को खोलकर टेंडर दिए जाने थे, मगर ब्लॉक प्रमुख अंशु खोखर ने बीडीओ केके पांडेय से कहा कि कुछ लोग टेंडर डालने से रोकने के लिए धमकी दे रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख के यह कहने पर बीडीओ ने टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी। इस तरह विकास कार्य जल्द होते नहीं दिख रहे हैं।
इस तरह अचानक टेंडर प्रक्रिया रद्द होने से निविदा डालने वाले 30 ठेकेदारों ने विरोध शुरू कर दिया। ठेकेदार प्रताप सिंह, आतेश व अंकुश आदि ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत कर दी कि ब्लॉक प्रमुख अंशु खोखर अपने करीबी ठेकेदारों को ठेका देने में विफल हो रही थीं, इसलिए इस तरह से अचानक छह अगस्त को प्रक्रिया रद्द कराई गई। इस मामले में अधिकारियों ने जांच शुरू करा दी है कि अगर किसी ठेकेदार को धमकी मिली थी तो उसने पुलिस व अन्य किसी जगह शिकायत कराई या नहीं। जांच कराए बिना टेंडर प्रक्रिया रद्द क्यों की गई। इसमें कई की गर्दन फंस सकती है।
ठेकेदार तीन से कम होने पर नहीं छोड़ा जाता टेंडर
टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई तो 30 ठेकेदारों ने निविदा डाली। इस तरह टेंडर आसानी से छोड़े जा सकते थे। अगर ठेकेदार तीन से कम होते तो टेंडर नियमानुसार नहीं छोड़ा जा सकता था। इस तरह भी ठेकेदारों की शिकायत पर कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा आरोप लगाया गया कि जिन 30 ठेकेदारों ने निविदा डाली थी, उनसे फार्म के 600-600 रुपये लिए गए थे। वह भी दबाकर रख लिए गए हैं।
पहले भी लग चुके विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप
छपरौली ब्लॉक पिछले एक साल से विवादों में चल रहा है। वहां विकास कार्यों में लगातार गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं और उनकी जांच चल रही है। हाईकोर्ट तक भी छपरौली ब्लॉक के कारण अधिकारियों की फजीहत हुई थी और उनको वहां तक जवाब देना पड़ा था।
विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही थी, मगर ब्लॉक प्रमुख ने ठेकेदारों को धमकी देकर निविदा डालने से रोकने की बात कही। यहां कुछ लोग अपने ठेकेदारों को लाभ देने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और अब जल्द टेंडर जारी करके विकास कार्य कराए जाएंगे। -केके पांडेय, बीडीओ छपरौली