- आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी मेहनत के दम पर हासिल की सरकारी नौकरी
- जिले के अन्य 50 युवाओं का पुलिस की वर्दी पहनने का सपना हुआ पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कामयाबी कभी सुविधाओं की मोहताज नहीं होती है। यह बात दोघट कस्बे के रहने वाले दर्जी लोकेंद्र के बेटे सारंग ने सच साबित करके दिखाई है। यूपी पुलिस सिपाही की भर्ती में सारंग ने 300 में से 276 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। आर्थिक तंगी के बीच उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई की, बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया और जरूरत पड़ने पर पिता के साथ काम भी किया।
बेटे का यूपी पुलिस की वर्दी पहनने का सपना पूरा होता देख पिता लोकेंद्र और मां बबली काफी खुश हैं। पिता लोकेंद्र बताते हैं कि सारंग ने यूपी बोर्ड से हाईस्कूल में 81.5 और इंटरमीडिएट में 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। पुलिस भर्ती की तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन करीब 12 घंटे पढ़ाई करते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और आखिरकार प्रदेश में पहली रैंक हासिल कर ली।
यूपी पुलिस में एक बहन तो दूसरी सीआईएसएफ में केरल में तैनात
सारंग की बड़ी बहन आशा उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं। 20 मई 2019 को उनका चयन हुआ था और वर्तमान में वह उन्नाव में तैनात हैं। छोटी बहन आभा सीआईएसएफ में हैं। 22 जनवरी 2025 को उनका चयन हुआ था और वर्तमान में वह केरल में तैनात हैं। अब सारंग की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है।
बागपत के 50 से अधिक युवाओं का चयन हुआ
उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही की भर्ती में बागपत जिले के 50 युवाओं का चयन हुआ है। किरठल के सत्यम चौहान का चयन सिविल पुलिस में हुआ है। इसी गांव के प्रभात चौहान, जौहड़ी के सनी तोमर और लूंब के हर्ष चौहान का चयन पीएसी में हुआ है। इसके अलावा बागपत के पुराने कस्बे के पांच युवाओं का चयन सिविल पुलिस में हुआ है तो सरूरपुर के आठ युवा भी पुलिस में चयनित हुए हैं।