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Baghpat News: गांवों की सफाई छोड़ अफसरों के घर चमका रहे सफाईकर्मी

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बागपत। गांवों में सफाई के लिए तैनात किए गए सफाईकर्मी अधिकारियों के कार्यालयों और घरों को चमका रहे हैं। इसका इसी से पता चलता है कि 315 सफाईकर्मियों में 37 को अधिकारियों के यहां लगाया हुआ है। जितने गांवों में जाते हैं, उनमें भी अधिकतर प्रधान के घर के काम करते हैं, इसलिए गांवों में सफाई का बुरा हाल हो रहा है।
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जिले में 244 ग्राम पंचायतों में सफाई के लिए 315 कार्यस्थल बनाए हुए हैं, जहां 315 सफाईकर्मी कार्यरत हैं, मगर इनको कार्यस्थल पर भेजने की जगह दूसरी जगहों पर काम कराया जा रहा है, इसलिए गांवों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इससेे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा परिषदीय स्कूलों में भी इन सफाईकर्मियों के पास जिम्मेदारी है। इसके बावजूद सफाईकर्मी कभी स्कूल में नहीं जाते हैं। ग्राम पंचायतों में तैनात सफाईकर्मी अधिकारियों के कार्यालयों में पानी पिलाने, फाइलें पकड़ाने के काम में लगे हैं तो अधिकारियों के घरों में सफाई, कपड़े धोने के साथ ही अन्य कार्य भी ये सफाईकर्मी कर रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत करने के बाद भी इनको कार्यस्थल पर नहीं भेजा जा रहा।
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डीपीआरओ ने अपने यहां लगाए 10 सफाईकर्मी
सबसे बुरा हाल डीपीआरओ ने खुद अपने आवास व कार्यालय में किया हुआ है। उनके यहां 10 सफाईकर्मी लगे हुए हैं। उनके ही हाथ में सफाईकर्मियों के तबादले से लेकर अन्य सभी कार्य होते हैं और इसका खूब फायदा उठाया जा रहा है।
इन अधिकारियों के यहां लगे सफाईकर्मी
डीडीओ कार्यालय में दो सफाईकर्मी लगे हैं तो मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय पर एक और आवास पर तीन सफाईकर्मी हैं। जिलाधिकारी के आवास के कार्यालय पर चार सफाईकर्मी लगे हैं। डीआरडीए में एक, एनआईसी में एक, जिला निर्वाचन कार्यालय में एक और जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी कार्यालय में एक सफाईकर्मी लगा है।
अधिकारियों की गाड़ियों पर लगे हैं 12 सफाईकर्मी
सफाईकर्मी केवल अधिकारियों के कार्यालयों व घरों तक ही नहीं हैं, बल्कि कई अधिकारियों की गाड़ियां भी सफाईकर्मी चला रहे हैं। ऐसे 12 सफाईकर्मी हैं, जिनको गाड़ी चलाने व अन्य कार्यों में लगाया गया है।

हमारे गांव के सफाईकर्मी को डीपीआरओ ने कई महीने से अपने कार्यालय में लगाया हुआ है, इसलिए वह गांव में नहीं आता है और गांव में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। अधिकारियों को अपने हित से ज्यादा आम लोगों की परेशानियों को देखना चाहिए।
-मुकेश कुमार, चौहल्दा
गांव के मुख्य मार्ग पर गंदगी फैली हुई है। वहां से निकलने तक की जगह नहीं बची है। सफाईकर्मी नहीं आने के कारण यह समस्या हो रही है। इस समस्या का जल्द समाधान कराया जाना चाहिए।
-विपिन कुमार, पिचोकरा
डीपीआरओ का तर्क, कार्यालयों में चल रही सफाई
डीपीआरओ रमेश चंद गुप्ता का कहना है कि कार्यालयों में सफाई चल रही है, इसलिए उनकी ड्यूटी यहां लगाई गई है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चुनाव आने वाले हैं, इसलिए चुनाव के कार्य को देखते हुए भी सफाईकर्मी यहां लगाए गए हैं। अधिकारियों के घरों पर ड्यूटी नहीं लगाई जाती है।
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