विद्युत निगम के अधिकारियों ने सुबह शुरू कराया था जर्जर लाइनों को बदलवाने का कार्य
स्टेशन अधीक्षक ने जमीन रेलवे की बता कर कार्य बंद कराया, मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दी
विद्युत निगम के अधिकारियों ने रेलवे के आला अधिकारियों से वार्ता कर कार्य दोबारा शुरू कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा (बागपत)। विद्युत निगम के अधिकारियों की ओर से मंगलवार को बदलवाए जा रहे जर्जर तारों को स्टेशन अधीक्षक ने जमीन रेलवे की बता कर कार्य रुकवा दिया। मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दी। इस पर विद्युत निगम के अधिकारियों ने जनहित का हवाला देते हुए रेलवे के आला अधिकारियों से कार्य शुरू कराने की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने पर कार्य शुरू किया। इस विवाद के कारण नगर वासियों को दस घंटे बिना बिजली के परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बिजली आपूर्ति देने के लिए विद्युत निगम ने खेकड़ा नगर को तीन फीडरों ए, बी,सी में बांटा हुआ है। नगर की अधिकांश विद्युत लाइनें जर्जर हो चुकी है। इसी को देखते हुए विद्युत निगम के अधिकारियों ने मंगलवार की सुबह नौ बजे रेलवे स्टेशन के पास कर्मचारियों से पुरानी लाइन को उतरवाकर नए तार लगवाने का काम शुरू कराया। काम शुरू होते ही रेलवे स्टेशन अधीक्षक चमनलाल शर्मा मौके पर पहुंच गए और विद्युत लाइन को रेलवे की जमीन में बताकर कार्य बंद करा दिया। सूचना पर विद्युत निगम के एसडीओ संजय कुमार और जेई पंकज कुमार भी मौके पर पहुंचे और लंबे समय से विद्युत लाइन यहां से गुजरने की बात कहकर दोबारा कार्य शुरू करा दिया। इस पर रेलवे स्टेशन अधीक्षक ने विद्युत कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देे दी। इससे दोनो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। दोपहर करीब दो बजे एसडीओ संजय कुमार ने रेलवे विभाग के उच्च अधिकारियो से फोन पर वार्ता कर जनहित में तार बदलवाने की अनुमति देने की अपील की। इस पर रेलवे विभाग के अधिकारियों ने तार लगाने की अनुमति दे दी। अनुमति के बाद कर्मचारी नए तार लगाने के कार्य में जुट गए। लाइन लगाने का कार्य देर शाम तक चलता रहा। करीब दस घंटे विद्युत आपूर्ति ठप रहने से नगरवासियों को भीषण गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
खेकड़ा ए फीडर को सप्लाई करने वाली उच्च क्षमता की लाइन के तार जर्जर हालत में थे। सुबह इन तारों को बदलवाने का काम शुरू किया गया था। तभी रेलवे अधिकारियों ने कार्य बंद करा दिया था। इस कारण दिन भर नगर की बिजली आपूर्ति ठप रही। कार्य शुरू करा दिया गया है, जल्द ही आपूर्ति सुचारु करा दी जाएगी। - संजय कुमार, एसडीओ
जिस जमीन पर विद्युत लाइन का काम हो रहा था, वह रेलवे की है। यदि कोई रेलवे विभाग की जमीन पर अतिक्रमण करेगा तो उच्चाधिकारियों को सूचना देना उनकी ड्यूटी है। उन्होंने अपनी ड्यूटी की है। - चमनलाल शर्मा, खेकड़ा रेलवे स्टेशन अधीक्षक