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रविवार बंदी: घरों में रहे लोग, खाली दौड़ती रहे बसें

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बागपत। रविवार बंदी होने के कारण रविवार को लोग अपने घरों में रहे। हाईवे पर बसें खाली दौड़ती हुई नजर आई। रविवार को दस फीसदी लोगों ने ही यात्रा की। बस अड्डा और स्टैंड भी सूने रहे। बस स्टैंड पर घंटों तक यात्रियों के इंतजार में बस खड़ी रही। सवारी कम होने के कारण रोडवेज को करीब दस लाख का नुकसान उठाना पड़ा।
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बंदी के दौरान कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए 50 फीसदी सवारी के साथ परिवहन सेवा और माल वाहनों पर भी पाबंदी नहीं रखी गई है। रविवार को साप्ताहिक बंदी के दौरान लोग अपने घरों में ही रहे। दिल्ली-सहारनपुर व मेरठ-बागपत हाईवे पर बसों की संख्या कम रही। जिन बसों का संचालन हुआ उनमें भी सवारियों की संख्या काफी कम रही। बड़ौत डिपो के डिपो प्रभारी नरेंद्र मान ने बताया कि डिपो में 70 बसें निगम की और 47 बसें अनुबंधित है। रविवार को दस फीसदी लोगों ने ही सफर किया। बस स्टैंड पर यात्रियों का दो-दो घंटे इंतजार करने के बाद बसों का संचालन हुआ। यात्री कम होने के कारण 80 बसों का ही संचालन किया गया। रोडवेज को रविवार लॉकडाउन के चलते लगभग 10 लाख का नुकसान उठाना पड़ा।
दिल्ली की पहली बस दो घंटे देर से हुई रवाना
बड़ौत। बड़ौत डिपो की दिल्ली जाने के लिए सुबह साढ़े पांच बजे पहली बस सेवा शुरू की जाती है। लॉक डाउन के चलते सुबह के समय काफी कम यात्री अपने घरों से निकले। इस कारण डिपो से दिल्ली के लिए बस सेवा को सुबह साढ़े सात बजे शुरू किया गया। इसमें मात्र 10 सवारी ही रवाना हुई। उधर, सहारनपुर जाने के लिए सुबह चार बजे बस शुरू होती है, लेकिन यह बस भी तकरीबन ढाई घंटे लेट चली। यह बस साढ़े छह बजे रवाना हुई और इसमें कुल 11 यात्री थे।
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