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बिगड़ा मौसम, बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बढ़ी

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बूंदाबांदी से गन्ने की छिलाई अटकी, गेहूं की बुआई ठिठकी
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बागपत। मौसम के बिगड़े मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बूंदाबांदी से किसानों को फसलों को लेकर चिंता सताने लगी है। गन्ने की छिलाई का काम बंद है। गेहूं की बुआई के लिए भी इंतजार करना होगा। दिन का तापमान 15.1 डिग्री दर्ज किया गया है।
सोमवार को मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा। आसमान में बादलों ने डेरा डाले रखा। बूंदाबांदी और सर्द हवा चलने से दिन में लुढ़ककर 15.1 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि पिछले दो दिनों में निकली तक चटक धूप के कारण पारा 20 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। रात का न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
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बूंदाबांदी से किसानों की परेशानी बढ़नी तय हो गई है। चिंता है कि बारिश जारी रही तो गन्ने की छिलाई का काम आगे में बंद रहेगा। गेहूं की बुआई भी पछेती हो जाएगी। उधर, फिर ठंड बढ़ने से बुजुर्गों, बच्चों के अलावा आम लोगों को भी परेशानी होनी तय है।
कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ गजेंद्र चौधरी का कहना है कि बारिश से गेहूं की बुआई पिछड़ जाएगी। अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसे ही रहने का अनुमान है। किसानों को गेहूं की बुआई करते समय बीजों का चयन सोच-समझकर करना होगा।
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बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल
रमाला। हल्की बारिश से गेहूं की बुआई में देरी होना लाजिमी है। कुछ दिन पहले जिन किसानों ने बुआई की थी। उनको भी दोबारा बुआई करने से आर्थिक नुकसान होना तय है। किसान राजबीर, ओमप्रकाश, राजेंद्र, उपेंद्र, धनपाल, देवेंद्र का कहना है कि मिल के सही न चलने से पहले ही गेहूं की बुआई प्रभावित हो चुकी है। पहले लगातार बारिश से अब तक गेहूं की बुआई नही हो पाई है। अब किसानों ने बिजाई का काम तेज कर दिया था। लेकिन फिर मौसम ने करवट ली और बुआई का काम ठिठक गया है।
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कब सुधरेगी हवा
बागपत। जिले का एक्यूआई 333 रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। हवा की गुणवत्ता सुधरने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि बूंदाबांदी से हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
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