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गन्ना पर्यवेक्षक के निलंबन के लिए धरने पर बैठे किसान 

Tue, 28 Feb 2017 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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विनोद खेड़ा के साथ धरने पर बैठे पूर्व विधायक महक सिंह व साथ में आसपास के किसान - फोटो : amar uja;a
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बागपत। गन्ना पर्यवेक्षक के खिलाफ मारपीट और लूट की शिकायत पुलिस के दर्ज न करने पर किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम से आरोपी को जल्द निलंबन न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी। 
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सोमवार को कई गांवों के किसानों ने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया और डीएम ह्दय शंकर तिवारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा पुलिस प्रशासन दबाव के चलते गन्ना पर्यवेक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। जबकि डायरेक्टर पर झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। उन्होंने कहा गन्ना पर्यवेक्षक ने विगत दिनों  किसान सुनील कुमार निवासी निनाना के साथ कार्यालय में मारपीट की। यह ही नहीं उससे तीन हजार रुपये भी छीने। इसकी शिकायत कोतवाली में में की  तो पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। डीएम को दर्जनों किसानों ने पर्यवेक्षक द्वारा कार्य करने के लिए रिश्वत मांगने के शपथ पत्र भी सौंपे। 
उन्होंने बताया गन्ना विकास परिषद के डायरेक्टर विनोद खेड़ा ने अभद्र व्यवहार करने की शिकायत कई बार गन्नाधिकारी से की, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। किसानों ने पर्यवेक्षक को निलंबित करने और उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। इसमें पूर्व विधायक डॉ. महक सिंह, वीरेंद्र राणा, तेजपाल, राममेहर, कृपाल सिंह, विनोद खेड़ा, सुभाष चौधरी, सुखवीर सिंह, एनएस यादव, सुरेश पाल, बिजेंद्र, मुकेश, योगेश, राजेंद्र सिंह, ऋषिपाल, नीटू, सुधीर, सुधीर, जयवीर, कपिल, राहुल, अरुण, राहुल नैन आदि रहे। 
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मिलों के इंडेट न भेजने से खेतों में सूख रहा गन्ना 
बड़ौत। गन्ना मिलों के इंडेट न भेजे जाने से किसान परेशान हैं। वहीं गन्ने का भुगतान न मिलने से विद्युत विभाग द्वारा किसानों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। इसको लेकर बिनौली में आयोजित बैठक में आक्रोश जताया। इस  बैठक में किसान नेता रविंद्र हट्टी ने कहा क्षेत्र में दौराला, किनौनी और मलकपुर मिल द्वारा गन्ने का इंडेट नहीं भेजा जा रहा है। इससे किसानों का कटा गन्ना उनके खेतों में पड़ा है और उन्हें काफी परेशानी करनी पड़ रही है वे गेहूं की बुआई भी नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी तरफ उन्होंने कहा एक ओर गन्ने का भुगतान किसानों का नहीं हो रहा है और वे बिजली का बिल भी जमा नहीं कर पा रहे हैं और बिजली विभाग उनके कनेक्शन काट रहा है। उन्होंने कहा यदि किसी विद्युत अधिकारी ने किसानों के कनेक्शन काटने का प्रयास किया तो उनका घेराव किया जाएगा। किसी भी हालत में किसानों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। इसमें त्रिपाल, प्रेमपाल, सुरेश पाल, ओमपाल, जसवीर, सुधीर, सूरज, अमित, योगेंद्र, देवेंद्र, मोंटू, अंकित, सोनू आदि रहे।
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