फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हड़ताल पर गुड़ व्यापारी, समाधान नहीं तो आंदोलन

विज्ञापन
विज्ञापन
हड़ताल पर गुड़ व्यापारी, समाधान होने तक जारी रहेगा आंदोलन
विज्ञापन

बड़ौत (बागपत)। मंडी समिति प्रशासन पर गुड़ का अवैध व्यापार कराने का आरोप लगाते हुए दि गुड़ खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन ने सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। एसोसिएशन के मंत्री शिव प्रकाश माहेश्वरी ने कहा कि प्रदेश सरकार को राजस्व की हानि हो रही है। मंडी समिति प्रशासन की शह पर अवैध कारोबार चल रहा है। मंडी समिति पर शासन के खिलाफ नारेबाजी कर जुलूस निकाला और गेट पर धरना देकर बैठ गए। एलान किया कि मांग पूरी न होने तक हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान मंडी में व्यापारियों ने गुड़ खरीद नहीं की।
एसोसिएशन के मंत्री शिव प्रकाश माहेश्वरी और व्यापारी नेता रवि पालीवाल के नेतृत्व में मंडी अधिकारियों के खिलाफ व्यापारियों ने नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। व्यापारियों ने कहा कि गुड़ माफिया मंडी शुल्क और विकास सेस की चोरी कर गुड़ की अवैध सप्लाई कर रहे हैं। इससे सरकार को रोजाना करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। मंडी समिति प्रशासन का रवैया सुधर नहीं रहा है। इससे व्यापारियों, पल्लेदारों और मंडी में कार्य करने वाले अन्य लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो रहा है। नवीन मंडी स्थल में इस अवैध कार्य के कारण माल नहीं आ रहा है, मंडी में व्यापार करना मुश्किल हो गया है। कई बार मंडी सचिव से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आंदोलन के लिए संचालन समिति का गठन किया। इसमें शिव प्रकाश, रवि पालीवाल, पिंटू, मंगल सैन, बलजीत, पूर्ण सिंह, सुभाष चंद, राहुल, अमित, सत्यप्रकाश को शामिल किया। धरने में जोगेंद्र, सत्यपाल सिंह, सुभाष चंद, नरेंद्र तोमर, राहुल और मंगल सैन आदि शामिल रहे।
विज्ञापन

दिल्ली और हरियाणा में सप्लाई किया जा रहा गुड़
बागपत। पड़ोसी राज्य हरियाणा और दिल्ली में गुड़ पर मंडी शुल्क नहीं है। यही वजह है कि कोल्हू संचालक और अन्य लोग सीधे कोल्हू से गुड़ दिल्ली और हरियाणा में सप्लाई कर रहे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी समिति के अधिकारी जांच नहीं करते और गुड़ को समिति अधिकारियों की शह पर ही हरियाणा और दिल्ली सप्लाई किया जा रहा है। अधिकारियों ने कोल्हू पर बाहर गुड़ सप्लाई कराने का कमीशन तय किया हुआ है। मंडी शुल्क बचाने के चक्कर में कोल्हू संचालक भी हरियाणा में ही गुड़ ले जा रहे हैं।
आधी घट गई आवक, क्या करें व्यापारी
बड़ौत। मंडी में गुड़ की आवक आधी रह गई है। गुड़ व्यापारियों का कहना है कि अब सिर्फ दो हजार कुंतल गुड़ पहुंच रहा है, जबकि पहले यह चार से पांच हजार कुंतल था। व्यापारियों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा होने लगा है। गुड़ मंडी मेें हड़ताल के चलते आढ़तियों के शटर बंद रहे और गुड़ लेेकर आने वाले किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। पल्लेदार भी काम न मिलने पर दुखी रहे।
विज्ञापन

60 हजार रुपये के मंडी शुल्क का नुकसान
बड़ौत। मंडी समिति के कार्यवाहक सचिव विनोद राणा ने बताया कि मंडी में गुड़ की प्रतिदिन आवक करीब ढाई लाख मन होती है। इससे सोमवार को करीब 60 हजार रुपये मंडी शुल्क का नुकसान हुआ है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें