- आचार संहिता का हवाला देकर कई को खाली बैठाया, जबकि एक को तैनात किया
- कई महीने से बिना कार्य के कई को दिया जा रहा वेतन, 20 से ज्यादा को दो-दो गांव दिए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जनपद में ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों की तैनाती में खेल किया जा रहा है। जहां आचार संहिता का हवाला देकर कई अधिकारियों को खाली बैठाकर वेतन दिया जा रहा है, वहीं एक को तैनात किया गया है। करीब 20 ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों को दो-दो कलस्टर देने पर सवाल उठने लगे है कि आखिर जब अधिकारी खाली बैठे है तो दो-दो जगह कार्य क्यों कराया जा रहा है।
बागपत ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्णकुमार तोमर व ग्राम विकास अधिकारी संदीप कुमार, पिलाना ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेम कुमार व ग्राम विकास अधिकारी सतीश कुमार, बिनौली ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रशांत अहलावत, ग्राम पंचायत अधिकारी सचिन कुमार के पास किसी गांव की जिम्मेदारी नहीं है। करीब चार महीने से बिना काम के 60 हजार रुपये तक वेतन दिया जा रहा है। इसके लिए पंचायत विभाग के अधिकारी तर्क देते है कि आचार संहिता के कारण इनको गांवों की जिम्मेदारी नहीं मिल सकती थी। जबकि एक ऐसा पत्र सामने आया है, जिससे यह खुलासा हुआ है कि 20 जनवरी को आचार संहिता लगी होने के बावजूद एक सचिव की गांव में तैनाती की गई है। इससे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब उस सचिव की तैनाती आचार संहिता में हो सकती है तो अन्य को खाली बैठाकर क्यों लाखों रुपये वेतन दिया जा रहा है।
करीब 20 को दो-दो कलस्टर थमा दिए
इसमें भी बड़ा खेल यह सामने आया है कि कई ग्राम विकास व पंचायत अधिकारियों को खाली बैठाया हुआ है जबकि करीब 20 को दो-दो कलस्टर दिए हुए है। इन एक कलस्टर में 2-4 गांव होते है। यह किसी के गले नहीं उतर रहा है कि जब अधिकारी खाली बैठे है तो इन 20 को दो-दो कलस्टर कैसे दिए गए है।
एक की तैनाती विशेष परिस्थितियों में हुई थी। अब जल्द ही उन सभी को गांवों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिनसे अभी कोई कार्य नहीं लिया जा रहा है। - अमित त्यागी, जिला पंचायत राज अधिकारी