बागपत। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह का दो साल कार्यकाल पूरा हो गया है। उन्होंने इस दौरान क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए। वहीं, संसद में भी क्षेत्र में विकास के लिए कई मुद्दे उठाए। उन्होंने सांसद निधि की पहली किस्त विकास कार्यों और चिकित्सीय सुविधाओं को बढ़ाने पर खर्च की है। वहीं, दूसरी किस्त अभी जारी नहीं हुई है। उधर, विपक्षी किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करा पाने का सांसद पर आरोप लगाते हैं।
सांसद के दो साल का कार्यकाल ज्यादातर कोरोना की भेंट चढ़ गया। इसलिए काम करने का ज्यादा समय नहीं मिल पाया। इसके बावजूद सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह का दावा है कि चुनाव के दौरान उनका मुख्य मुद्दा क्षेत्र विकास कराना था। इसलिए क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए हैं। संसद में भी क्षेत्र के विकास के मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने मेडिसिटी अस्पताल बड़ौत में ऑक्सीजन प्लांट लगाने में आ रही दिक्कतों को दूर कराया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात कर जिला अस्पताल में लगने वाले ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण दूसरे चरण की बजाय प्रथम चरण में मंजूर कराया। बागपत जल्द ही ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर जिले में चिकित्सा सुविधा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जिला सेवायोजन कार्यालय के माध्यम से 472 युवाओं को रोजगार दिलाया।
सांसद निधि की पहली किस्त से कराए ये प्रमुख कार्य
-14 वाल्मीकि चौपालों का निर्माण कराया।
-16 स्थानों पर यात्रियों के लिए शेड बनवाए।
-अस्पताल में चिकित्सीय सेवा बढ़ाने के लिए 50 लाख दिए।
-कई गांव में सीसी रोड और खड़ंजों का निर्माण।
संसद में ये मुद्दे उठाए
- रेपिड रेल जिले तक लाने के लिए सांसद ने मुद्दा उठाया। दूसरे चरण में रेपिड रेल के बड़ौत क्षेत्र तक जाएगी।
- खेकड़ा के जैन तीर्थ त्रिलोक धाम के लिए ईपीई पर कट की मांग। यह मंजूर हो गया है और एनएचएआई ईपीई से वहां तक सड़क बनाएगा।
- दिल्ली से देहरादून ग्रीन एक्सप्रेसवे का मुद्दा उठाया। इस पर भी काम चल रहा है।
ये काम भी हुए शुरू हुए
-ग्राम मीतली में मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम का शिलान्यास।
-खट्टा प्रहलादपुर में आईटीआई का निर्माण।
ये काम प्रस्तावित
-मीतली में मेडिकल कॉलेज का निर्माण
-साईं सेंटर को सरकार से मिली मंजूरी
-राष्ट्रीय खेल संस्थान के निर्माण का प्रयास जारी
-बागपत गन्ना बेल्ट है। यहां के किसानों को सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह से काफी उम्मीदें थीं। उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। सांसद किसानों की समस्या का निस्तारण नहीं करा पाए। किसानों का गन्ना भुगतान मिलें दबाए बैठी हैं। क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। इसके अतिरिक्त खाद, बिजली और डीजल की महंगाई से किसान जूझ रहे हैं।-सुखवीर सिंह गठीना, राष्ट्रीय सचिव रालोद