बागपत के पक्काघाट स्थित मंदिर में सूर्य ग्रहण के चलते पूजा करते पुजारी
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बागपत। साल 2019 के आखिरी सूर्य ग्रहण पर मंदिरों के कपाट बंद रहे। ग्रहण की समाप्ति के सभी लोगों ने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्य किया। दान दक्षिणा दी। घरों और मंदिरों में हवन और पूजा पाठ का आयोजन कर सुख समृद्धि की कामना की।
बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजकर पांच मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू हो गया था, जो 11 बजकर 5 मिनट तक रहा। यह साल का अंतिम और सबसे बड़ा ग्रहण था। बुधवार की शाम पांच बजे से सूतक लगने के कारण मंदिरों के कपाट बंद रहे, जो बृहस्पतिवार की दोपहर तक बंद रहे। पूजा अर्चना नहीं की गई है। ग्रहण समाप्ति के बाद कपाट खोले गए। साफ सफाई की गई। लोगों ने दान दक्षिणा दी। साथ ही घरों और मंदिरों में हवन और पूजा पाठ का आयोजन कर सुख समृद्धि की कामना की।
उधर, सुबह के समय ग्रहण को देखने के लिए लोग उत्साहित रहे। बादल छाने के कारण कारण सूर्य का ग्रहण नहीं देख सके। मगर, शुरू से लेकर आखिरी समय तक टीवी पर लोग सूर्यग्रहण की हर गतिविधियों को देखते रहे। ग्रहण के तीन घंटे के दौरान भगवान का गुणगान करते रहे।