युवक का शव देखते पुलिस वाले।
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बागपत शहर के यमुना रोड पर एसओजी टीम के सिपाही और रंगदारी मांगने के आरोपी के साथियों के बीच हुई पथराव और फायरिंग में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल किया। पथराव कर पुलिस जीप को तोड़ दिया। भीड़ ने हाईवे पर जाम लगाया, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
बुधवार की रात में लगभग साढ़े 10 बजे यमुना रोड पर रहने वाले एसओजी टीम के सिपाही रघुवीर के कमरे पर आठ दस युवक एकत्रित होकर पहुंचे। इनमें सचिन नंदा गिरोह में शामिल रंगदारी मांगने का एक आरोपी भी शामिल था। आरोप है ये लोग हमला करने के उद्देश्य से रघुवीर के कमरे पर पहुंचे। वहां पर दो और पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपने को घिरा देखकर और हमले की आशंका के चलते फायरिंग कर दी। जिससे भगदड़ मच गई।
युवकों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। इसी दौरान उनके साथ पहुंचे मोहल्ले के ही 22 वर्षीय फरीद पुत्र रियाज को गोली लग गई और वह वहीं पर गिर पड़ा। फरीद को गोली लगते कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल हालत में फरीद को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से उसे गंभीर हालत में मेरठ के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही फरीद की मौत हो गई।
घटना से आक्रोशित लोगों ने पहले सीएचसी में जमकर बवाल किया। इसके बाद नगर पालिका चौक पर पहुंचकर पुलिस पर पथराव कर दिया। लोगों ने पुलिस की जीप में जमकर तोड़फोड़ कर दी। लोगों ने एसओजी के सिपाही पर फर्जी एनकाउंटर दिखाने के प्रयास का भी आरोप लगाया। फरीद की मौत की सूचना पर लोग भड़क उठे और राष्ट्र वंदना चौक पर जाम लगा दिया। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। जब नहीं माने तो लाठीचार्ज कर दिया। आक्रोशित लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोतवाली में धरना शुरू कर दिया।