बागपत/अमीनगर सराय। पंचायत चुनाव की मतगणना प्रक्रिया की धीमी गति प्रत्याशियों के एजेंटों के लिए मुसीबत का सबब बन गई। एजेंट बने लोग मतगणना केंद्रों में कैद होकर रह गए। बिना आराम किए करीब 36 घंटे लगातार मतगणना केंद्रों पर डटे रहने से कई की हालत भी खराब हो गई। अंतिम समय में कई एजेंटों ने तो हाथ खड़े कर दिए। मतगणना छोड़कर कोई फर्श पर बैठकर तो कोई दीवार के सहारे खड़े होकर सोते हुए दिखाई दिया।
पंचायत चुनाव की मतगणना रविवार सुबह आठ बजे से शुरू होनी थी। प्रत्याशियों के एजेंट समय से पहले ही मतगणना केंद्रों पर पहुंच गए थे। शुरूआत में सभी एजेंट पूरे जोश और उत्साह में दिखाई दिए। लेकिन मतगणना की धीमी रफ्तार देखकर उनका जोश शाम तक ठंडा पड़ने लगा। इनमें ज्यादातर जिला पंचायत सदस्य पदों के प्रत्याशियों के एजेंट थे। किसी तरह उन्होंने रात गुजारी। सुबह होते-होते कई एजेंटों की हालत खराब हो गई। थकान और नींद उनके चेहरों पर दिखाई देने लगी। जब परिणाम सोमवार को दोपहर 12 बजे तक भी नहीं आया तो एजेंट निढाल हो गए। कोई फर्श पर बैठे हुए सो गया तो किसी ने दीवार के सहारे खड़े होकर ही झपकी ली। खाने-पीने की व्यवस्था न होने से भी कुछ एजेंटों का बुरा हाल हो गया। आखिरी समय में तो कई एजेंट किसी तरह मतगणना प्रक्रिया से जान छुड़ाने की कोशिश करते दिखाई दिए। कुछ तो चुपचाप मतगणना केंद्रों से निकल गए।